To Learn Online Click here Your Diksha Education Channel...


ads booking by purvanchal24@gmail.com

बलिया में बढ़ा परिषदीय स्कूलों का क्रेज, छात्रसंख्या में जबरदस्त उछाल ; टूटे रिकार्ड


बलिया। कोरोना काल के बाद खुले सरकारी स्कूलों का क्रेज बढ़ता दिख रहा है। छात्र संख्या बढ़ाने के लिए न तो स्कूल चलो रैली निकली, न ही जागरूकता रैली। न तो कही बुलावा टोली भेजी गई, न ही सम्पर्क अभियान चलाया गया।बावजूद इसके परिषदीय स्कूलों में बढ़ी नामांकन की रफ्तार ने पुराने रिकार्ड तोड़ दिए। पिछले साल की अपेक्षा अब तक सिर्फ बलिया में 30 हजार से अधिक बच्चों का नामांकन हो चुका है।


शिक्षा सत्र 2019 में पहली से आठवीं तक 2.90 लाख बच्चों का नामांकन परिषदीय स्कूलों में था, जो 2020 में 2.91 लाख पहुंच गया। कोरोना काल में बंदी के बाद स्कूल खुले तो नामांकन ने सारे रिकार्ड तोड़ दिये। 14 सितम्बर 2021 तक 3.20 लाख नामांकन हो चुका है, यानी पिछले साल के अपेक्षा 30 हजार अधिक। माह के अंत तक यह संख्या और भी बढ़ेगी, क्योंकि नामांकन अभी जारी है। बच्चों की प्रभावित होती शिक्षा से चिंतित अभिभावक प्रवेश कराने में जुटे हुए है। 


30 हजार बढ़ा नामांकन
वैश्विक महामारी कोरोना के कारण करीब डेढ़ साल से स्कूलों में पठन-पाठन नहीं हो सका। कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद 06 से 08 तक के स्कूल 23 अगस्त तथा प्राथमिक विद्यालय (01 से 05 तक) एक सितंबर को खोले गए। प्रवेश सत्र के पहले पखवारे में ही छात्र संख्या 3.20 लाख पहुंच चुकी है। कई स्कूलों ने तो जरूरत से अधिक बच्चों का प्रवेश ले लिया है। 

शिवनारायण सिंह, बीएसए बलिया

बेसिक शिक्षा विभाग ने जीता अभिभावकों का विश्वास : बीएसए
बीएसए शिवनारायण सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग ने शैक्षिक मानकों में सुधार के निरंतर प्रयासों के कारण अभिभावकों का विश्वास जीता है। छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाओं में वृद्धि हुई है। स्कूलों में खेल के मैदान, शौचालय, पेयजल और पुस्तकालय की बेहतर व्यवस्था हैं। कोरोना संक्रमण काल में स्कूलों में पठन-पाठन ठप होने के बाद भी विभिन्न तौर तरीकों से विभाग के दिशा-निर्देशन में बेसिक शिक्षकों ने अपने स्कूल के बच्चों की पढ़ाई जारी रखी। खाद्यान्न उपलब्ध कराने के साथ ही कन्वर्जन कास्ट की धनराशि अभिभावकों के खाते में भेजी गई। शासन जूता-मोजा, बैग, स्वेटर आदि का पैसा अब सीधे बच्चों या उनके अभिभावकों के खाते में भेजने पर विचार कर रहा है। परिषदीय स्कूलों में शिक्षक बेहतर शिक्षा दे रहे हैं। ऐसे में नामांकन बढ़ना लाजमी है। 

Post a Comment

0 Comments