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शिवप्रताप ओझा : बला की चमक उनके चेहरे पे थी, मुझे क्या ख़बर थी कि...


उत्तर प्रदेश के बलिया जिला अंतर्गत हृदयचक गांव निवासी शिवप्रताप ओझा असमय ही दुनिया को अलविदा कह गये। कांग्रेस नेता शिवप्रताप ओझा का कद कितना बड़ा था। समाज उन्हें कितना प्यार देता था, यह सोशल प्लेटफार्म पर साफ दिख रहा है। इसी कड़ी में बलिया में 'डॉन स्पेशलिस्ट' अखबार का संपादक रहे भरत चतुर्वेदी ने सोशल साइट्स पर सभी के प्रिय शिवप्रताप ओझा को कुछ यूं 'अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि' अर्पित की है...


आज वह सभी लोग स्तब्ध हैं। विषाद में हैं, जिनके साथी शिव प्रताप ओझा नहीं रहे। कई बार मृत्यु पर क्रोध आता है। घृणा और संताप से मन विचलित होता है। इसलिए कि ऐसी मृत्यु हमारी कल्पना में नहीं होती। शिव प्रताप जी का हमारे बीच न होना मृत्यु की विडंबना ही तो है। जाने वाले की स्मृतियां शेष रहती है। इसलिए हम भी उन स्मृतियों को सहेज कर रखेंगे, जिनके बदौलत आज हम दुखी हैं। प्रभु के कालचक्र को हम रोक नहीं सकते पर, प्रभु को उलाहना तो दे ही सकते हैं कि ऐसा संताप तो न दें।

सच तो यह भी है,
ज़िंदगी इक हादसा है और कैसा हादसा
मौत से भी ख़त्म जिसका सिलसिला होता नहीं। इसलिए आइए हम अपने मित्र को अपनी यादों में जिंदा रखें और भगवान से प्रार्थना करें कि अपने श्री चरणों में इन्हें जगह दें।

भरत चतुर्वेदी,
वरिष्ठ पत्रकार की फेसबुक वाल से

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