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फिल्मी नायक जैसी है टीएमसी विधायक हरेराम सिंह की जीवन-गाथा, पढ़ें बलिया के इस रीयल हीरो की स्टोरी


बलिया। पश्चिम बंगाल के जमुरिया से टीएमसी विधायक हरेराम सिंह की जीवन-गाथा किसी भोजपुरी फिल्म के नायक से कम रोचक नहीं है। एक मजदूर से मजदूर नेता होते हुए विधानसभा तक पहुंचने वाले हरेराम सिंह मूल रूप से बलिया के मनियर के रहने वाले है। इनके पिता राधेश्याम सिंह बंगाल रहते थे। उन्होंने एक मारवाड़ी को बात-बात में आशीर्वाद दे दिया कि आपको पुत्र रत्न की प्राप्ति होगी। संजोग से डेढ़ वर्ष बाद उस नि: संतान मारवाड़ी को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई, तब से वह मारवाड़ी राधेश्याम सिंह का बहुत आदर करने लगा।

वह मारवाड़ी कोलफील्ड का मालिक था, लेकिन उस समय कोल फील्ड का नेशनलाइजेशन नहीं हुआ था। कोलफील्ड प्राइवेट थी। इसी मारवाड़ी के अधीन हरेराम सिंह कोल फील्ड में मजदूर के रुप में नौकरी करने पहुंचे। एक इंटरव्यू में हरेराम सिंह ने बताया कि 1973 में रानीगंज कोयलांचल में उनकी नौकरी मजदूर के रुप में लगी। बचपन से ही इनको नेता बनने का शौक था‌। इसलिए नौकरी के दौरान अपने आप को भारतीय मजदूर संघ से संबंध कर लिया। 

बलिया जनपद के द्वाबा (अब बैरिया) विधानसभा के पूर्व विधायक स्व. मैनेजर सिंह के छोटे भाई बनारसी सिंह आजाद उस ट्रेड यूनियन के महामंत्री थे, जिनके साथ हरेराम सिंह भी कंधा से कंधा मिलाकर चलते थे। उनका निधन 1990 में हो गया और हरेराम सिंह को संघर्ष एवं मेहनत के बदौलत महामंत्री पद की जिम्मेदारी मिली। 1990 से 1997 तक वह महामंत्री रहे। हरेराम सिंह बताते है कि उन दिनों सीपीएम के विरुद्ध ट्रेड यूनियनों में कार्य करना जोखिम भरा था। तीन तीन बार उन पर जानलेवा हमला हुआ, लेकिन ईश्वर की कृपा से उनका बाल बांका नहीं हुआ। 

1998 में त्रिणमूल कांग्रेस का गठन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया और हरेराम सिंह अगस्त 1998 में त्रिणमूल कांग्रेस ज्वाइन कर लिये। उन्होंने कोयला खादान श्रमिक कांग्रेस के नाम से एक अलग यूनियन का रजिस्ट्रेशन कराया तथा इंडियन नेशनल त्रिणमूल ट्रेड यूनियन से इसे संबद्ध करा लिया। उन्हें 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में त्रिणमूल कांग्रेस से जमुरिया विधानसभा सीट से टिकट मिला।उन दिनों 44 वर्षों से जमुरिया विधानसभा सीट पर सीपीएम का कब्जा था। 

बतौर हरे राम सिंह मजदूरों के सहयोग एवं ममता बनर्जी के कार्य के बदौलत इस सीट पर त्रिणमूल कांग्रेस का झंडा लहराया।हरेराम सिंह में बचपन से ही राजनीति करने की ललक थी। पढ़ाई छोड़ने के बाद इन्होंने युवजन सभा सोशलिस्ट का गठन किया था। एक कार्यक्रम में मनियर रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नाडीज को भी बुलाया था। ये राजपूत कल्याण मंच के वाइस प्रेसिडेंट भी रहे हैं। 


वीरेन्द्र सिंह

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