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बलिया : लाल निशान से ऊपर बह रही गंगा का बढ़ा दबाव, स्पर में पड़ी दरार ; डीएम ने किए बाढ़ खंड को अलर्ट


मझौवां, बलिया। गंगा के जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि का क्रम जारी है। शुक्रवार की दोपहर 12 बजे गंगा का जलस्तर 58.40 मीटर रिकार्ड किया गया। यहां खतरा विन्दु 57.615 मीटर ही है। वहीं, नदी में प्रति घंटा 5 सेंटीमीटर का बढ़ाव जारी है। इसको देखते हुए बाढ़ की प्रबल स्थिति बनती जा रही है। बढ़ते जलस्तर के कारण नदी की बैक रोलिंग धारा का दबाव सीधे बलिया-बैरिया मार्ग के किलोमीटर 27.200 पर बने अधूरे स्पर पर बन रहा है। इससे स्पर में दरार पड़ गई हैं। वहीं, एनएच 31 को बचाने के लिए गंगापुर से लेकर चौबे छपरा तक तीन स्पर पर बनाए जा रहे है। इन ठोकरों को रिवेटमेंट के कार्य से भी जोड़ा गया है। लेकिन मानक के अनुरूप कार्य न होने के कारण हर जगह यह रिवेटमेन्ट गंगा की लहरों में बैठता जा रहा है। यही नहीं, गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के कारण सोनार टोला के समीप बने आधे अधूरे ठोकर पर बीच में दरार पड़ गया है।


यह स्थिति देख बाढ़ विभाग के अंदरखाने में हलचल है। विभाग यहां पर फ्लड फाइटिंग के सहारे अपना काम शुरु कर दिया है। शुक्रवार की शाम जिलाधिकारी अदिति सिंह ने बाढ़ क्षेत्रों का भ्रमण कर ज़ायजा लिया। बाढ़ खण्ड के इंजीनियरों को निर्देश दिए कि गंगा नदी का पानी बढ़ने की अभी भी सम्भावना है, लिहाजा हमेशा सतर्कता बरती जाए। राहत कार्य से जुड़े प्रशासनिक व अन्य अधिकारियों को भी गांवों में वितरण की जाने वाली राशन सामग्री, नाव की व्यवस्था, मिट्टी तेल, तिरपाल एवं अन्य अपनी व्यवस्था पहले से ही तैयार कर लेने के निर्देश दिए।
दूबेछपरा पहुंची डीएम ने बाढ़ व कटान से जुड़ी विस्तृत जानकारी ली। इंजीनियरों को निर्देश दिया कि पानी में बढ़ाव को देखते हुए पूरी तैयारी रखें। 


आसपास के बाढ़ से प्रभावित गांवों की सूची तैयार कर तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बाढ़ खंड के अधिकारी सीडीओ, अपर जिलाधिकारी व सीएमओ आदि से समन्वय बनाये रखें। हर सूचना से अवगत कराते रहें। बाढ़ प्रभावित गांवों में राशन सामग्री, नाव की व्यवस्था, मिट्टी तेल, त्रिपाल एवं अन्य व्यवस्था कर लिया जाय। आवश्यकतानुसार गांवों में राहत सामग्री उपलब्ध करा दिया जाय। वितरण में किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। जिलाधिकारी ने प्रशासनिक अधिकारियों को अपने अधीनस्थों के माध्यम से यह सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में भी जलस्तर की सूचना देते रहें। प्रत्येक गांवों में रात्रि में पुलिस फोर्स भी भ्रमण करती रहे। तहसीलदार बैरिया को निर्देश दिए कि बाढ़ से प्रभावित गांवों में कानूनगो व लेखपालों के माध्यम से पहले से सर्वे करा लें। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी रामआसरे, एसडीएम अभय सिंह, तहसीलदार शिवसागर दूबे, डीएसओ कृष्ण गोपाल पाण्डेय व बाढ़ खण्ड अधिकारी मौजूद थे।

हरेराम यादव

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