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बलिया : श्रद्धा और संस्कृति ने लगाया आध्यात्मिक पौधा, डीएफओ ने समझाया महत्व


बलिया। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग बलिया (DFO) श्रद्धा यादव ने कहा कि पौधे आध्यात्मिक ऊर्जा के केंद्र हैं। धर्म व संस्कृति के साथ ही मानव जीवन में पौधों का विशेष महत्व है।
30 करोड़ वृक्षारोपण जन आन्दोलन 2021 एवं वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत बेल्थरारोड रेंज के ननौरा गांव के प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में हरिशंकरी वाटिका (पीपल, पाकड़, बरगद) का रोपण कर DFO श्रद्धा यादव ने इसके महत्व को समझाया। बोली, पीपल, पाकड़, बरगद को आज भी हमारे गांव में हरीशंकरी कहा जाता है। मान्यता है कि यह पेड़, स्वयं ब्रम्हा-विष्णु-महेश है। गांव में आज भी इनकी पूजा अर्चना की जाती है। पेड़ों को लगाने और बचाने के यह पौराणिक कथाएं भारत के वृक्षों में बसे विश्वास को और पुख्ता करती है।


ज्ञान पीठिका स्कूल, बलिया की प्रिंसिपल संस्कृति सिंह ने विशेष पौधरोपण अभियानके तहत 200 पौधे लगाने का संकल्प लिया। कहा कि ये पौधे वातावरण के साथ-साथ मानव जीवन के लिए फायदेमंद होंगे। बोली, व्यक्ति का पर्यावरण संरक्षण के प्रयास करने चाहिए। छोटा-छोटा प्रयास ही एक दिन बड़ा प्रयास बनेगा। इस दौरान प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राओं एवं पूर्व प्रधान द्वारा आम अमरूद, जामुन आदि फलदार पौधों का रोपण किया गया। इसके उपरान्त ग्राम सभा तुर्तीपार में तुर्तीपार पौधशाला के पास स्थापित स्व. राकेश कुमार मिश्र स्मृति वाटिका में श्रद्धा यादव (प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग बलिया) द्वारा स्व. बृजेश कुमार (क्षेत्रीय वन अधिकारी) की स्मृति में जामुन के पौध का रोपण किया गया।

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