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अटेवा ने ट्वीटर पर चलाया अभियान, दिवंगत शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए मांगा न्याय


बलिया। कोरोनाकाल में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए दिवंगत साथियों को शिक्षकों-कर्मचारियों ने श्रद्धांजलि दी। मंगलवार को अटेवा के तत्वाधान में पूरे प्रदेश में कोरोना शहीद शिक्षकों-कर्मचारियों को अपने घर व कार्यालयों में उपस्थित रहकर श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवार को न्याय दिलाने के लिए विभिन्न मांगों के साथ ट्विटर पर अभियान चलाया। यह अभियान प्रदेश के जिले-जिले व गांव-गांव में कार्यकर्ताओं के माध्यम से चलाया गया। छुट्टियों के कारण अधिकतर शिक्षक अपने घर से ही साथियों के लिए न्याय की मांग #JusticeForEmployees हैश टैग के माध्यम से किया। सरकार से मांग किया कि परिवारों को लाभ अतिशीघ्र और तय समय के भीतर किया जाए। 

1- मृतक के परिवार को 1 करोड़ की सहायता राशि दी जाए।
2- परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
3- परिवार को असाधारण पेंशन की व्यवस्था हो।
4- उनके बच्चों को निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था सरकार के द्वारा किया जाए।
5- उसके ग्राम व मोहल्ले के नाम उस शाहिद कोरोना योद्धा नाम पर किया जाए।

अटेवा प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने बताया कि पूरे प्रदेश में शिक्षक कर्मचारियों ने बड़े ही गंभीरता के साथ अपने साथियों के लिए न्याय की मांग मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री से की। प्रदेश के शिक्षक कर्मचारियों को उनकी इस एकजुटता के लिए साधुवाद देता हूं। सरकार से यह अपील करता हूं कि जनभावनाओं को देखते हुए मानवता के आधार पर कोरोना शहीदों के परिजनों को अतिशीघ्र न्याय दें। उनके लिए आम शिक्षक कर्मचारियों की भावना का सम्मान करें। उनका उपहास न करें। आज इतनी संख्या, इतना पैसा, इतना ही हो पायेगा ये क्या मजाक बना रखा  है। 


प्रदेश महामंत्री डॉ नीरजपति त्रिपाठी ने बताया कि ट्विटर अभियान दिवंगत शिक्षक-कर्मचारियों को न्याय दिलाने पर आधारित था। अटेवा अपने साथियों के साथ मजबूती से खड़ा है। उनके लिए आगे बढ़कर लड़ाई लड़ रहा है। मीडिया प्रभारी डा. राजेश कुमार ने बताया कि ट्वीटर पर #justiceForEmployees अभियान सफल रहा। घंटों यह अभियान ट्रेंड करता रहा। अटेवा, बलिया के मीडिया प्रभारी पंकज सिंह ने बताया कि बलिया में भी संयोजक समीर कुमार पाण्डेय व सहयोगियों ने इस अभियान को सफल करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 

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