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बलिया : चक्रवाती यास ने तोड़ी किसानों की कमर


बैरिया, बलिया। कोरना का कहर अभी समाप्त नहीं हुआ है, तब तक अत्यधिक बरसात के चलते आम लोगों की कमर टूट गई है। यास तूफान के कहर से सब्जी की खेती तबाह हो गई है। परवल के खेतों में जल जमाव हो गया हैं। वहीं, हरी सब्जी के खेत लबालब पानी से भर गए हैं। इसके चलते सब्जी की खेती करने वाले किसानों की कमर टूट गई है। तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण आम जनमानस परेशान हैं। इसके चलते लोग अपने अपने घरों में दुबके हुए हैं। ऐसे में सरकार की तरफ से मदद के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है, ताकि गरीब तबके के लोगों को सहूलियत मिल सके।


उल्लेखनीय है कि पहले से ही कोरोना के चलते काफी लोग काल कलवित हो चुके हैं।कई लोग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। इस विकराल कोरोना ने आम लोगों का जीना दूभर कर के रखा हुआ है। ठीक करोना काल में ही यास तूफान का असर लोगों पर कहर बरपा रहा है। अतिवृष्टि के चलते सब्जी की खेती करने वाले किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। कर्ज लेकर अपनी जीविका व जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले किसान परवल की खेती किए थे। बरसात के कारण उनके खेतों में जलजमाव हो गया है। वही व्यापक स्तर पर लौकी, नेनुआ, भिण्डी, खीरा, करेला, हरी मिर्च, तरोई, बोरो आदि हरी सब्जी की खेती करने वाले किसान भी परेशान है। उनकी फसल सड़ने के कगार पर हैं। किसानों का कहना है कि एक तो कोरोना के कारण हमारे खेतों में पैदा होने वाली सब्जियां बाहर नहीं जा रही थी। औने पौने दाम पर उन्हें बेचकर किसी तरह जिविका चल रही थी। अब अतिवृष्टि ने उन फसलों को भी अपने आगोश में ले लिया है, जिससे अब यह समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर हम करें तो क्या करें। किसानों ने जिला प्रशासन व सूबे की सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है।


शिवदयाल पांडेय 'मनन'

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