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बलिया : भाप से कांप गई कोरोना की दूसरी लहर, नहीं कर सकीं 'जेल' में इंट्री


बलिया। 'गरारा की गरगराहट और भाप से जीतेंगे कोरोना की जंग...।' यदि बलिया जिला कारागार प्रशासन की इस उक्ति पर गौर करे तो यह कहने में अतिश्योक्ति नहीं कि प्रकृति में उपस्थित वस्तुओं का क्रमबद्घ अध्ययन ही विज्ञान हैं। क्योंकि जिला कारागार प्रशासन इस उक्ति को जीवन में उतारकर सफल है। भयावह होते हुए भी कोरोना की दूसरी लहर 'जेल' जाने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। 


कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर से पूरा देश जूझ रहा है। संक्रमण से बचने के लिए देश के लब्ध प्रतिष्ठित चिकित्सकों एवं वैज्ञानिकों की सलाह से शासन-प्रशासन नित नए-नए गाइडलाइंस जारी कर रहा हैं। इस बीच, बलिया जिला कारागार 'गरारा की गरगराहट और भाप' के बदौलत पूरी तरह स्वस्थ्य है। बंदियों एवं जेल कर्मचारियों तक  कोरोना वायरस न पहुंच सके, इसके लिए जेलर अंजनी कुमार गुप्ता एवं उपजेलर कुंज बिहारी सिंह अपने स्वयं के विभिन्न देसी जुगाड़ को बंदियों एवं जेल स्टाफ पर प्रयोग कर शासन-प्रशासन सहित आमजन के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। 


जिला कारागार बलिया के जेलर अंजनी कुमार गुप्ता ने बताया कि गरारा की गरगराहट से कोरोना का जंग हम जीतेंगे। बताया कि कोरोना संक्रमण के प्रकोप से बचने के लिए भाप एवं योगा के अतिरिक्त सेंधा नमक तथा फिटकरी युक्त गर्म जल से बंदियों एवं स्टाफ को प्रतिदिन गरारा कराया जा रहा है। वाटर प्यूरीफायर मशीन के गीजर से एक गिलास गर्म जल में आवश्यकतानुसार सेंधा नमक एवं फिटकरी मिलाकर हम गरारा करवाते हैं।


देश के विभिन्न चिकित्सकों एवं वैज्ञानिकों के अनुसार कोरोना वायरस गले एवं फेफड़े आदि में चिपक कर सांस लेने में दिक्कतें पैदा कर ऑक्सीजन लेवल को कम कर देता है। ऐसे में सेंधा नमक एवं फिटकरी युक्त शुद्ध गर्म जल का गरारा करने से वायरस संक्रमण का खतरा नहीं रहता। बताया कि कोरोना काल में भांप लेना, सबसे फायदेमंद है। चिकित्सक भी ऐसी सलाह देते हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के प्रकोप से बचने के लिए बलिया कारागार प्रशासन द्वारा अपनाई जा रही इस उक्ति में जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य अपनी महती भूमिका निभा रहे है।

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