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बलिया : एसओएस बालग्राम में संवरेगी इस अनाथ भाई-बहन की जिन्दगी


बलिया। कोरोना काल मेंं अनाथ हुए चार नादान भाई-बहनों में दो को न्याय पीठ बाल कल्याण समिति ने एसओएस बालग्राम वाराणसी भेज दिया। न्यायपीठ ने एसओएस के निर्देशक को निर्देश दिया कि रेनू (9 वर्ष) व अंकुश (7 वर्ष) को 18 वर्ष पूर्ण होने तक संरक्षण प्रदान करें। साथ ही बच्चों से संबंधित फॉलोअप रिपोर्ट प्रत्येक तीन माह पर न्याय पीठ बाल कल्याण समिति को उपलब्ध कराते रहना सुनिश्चित करें।


गौरतलब हो कि मुरलीछपरा ब्लाक की ग्राम पंचायत दलनछपरा में कोविड-19 के कारण संतोष पासवान तथा उनकी पत्नी पूनम देवी की मौत के बाद उनके बच्चे काजल (15 वर्ष), रूबी (13 वर्ष), रेनू (9 वर्ष) व अंकुश (7 वर्ष) की देखरेख फुलेश्वरी देवी पत्नी स्व. फूलदेव पासवान के कंधों पर आ गयी थी। सरकारी मदद पहुंचाने के लिए महिला एवं बाल विकास की टीम दो बार न्यायपीठ बाल कल्याण समिति बलिया के सदस्य राजू सिंह के नेतृत्व में महिला शक्ति केंद्र के महिला कल्याण अधिकारी पूजा सिंह, वन स्टॉप सेंटर मैनेजर प्रिया सिंह, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्डलाइन टीम ने संयुक्त रूप से मिली। 


चाइल्डलाइन ने शनिवार को न्यायपीठ के समक्ष बच्चे रेनू (9 वर्ष) व अंकुश (7 वर्ष) को प्रस्तुत किया। न्यायपीठ के अध्यक्ष प्रशांत पांडे व सदस्य राजू सिंह, अनीता तिवारी व रामविलास यादव ने संयुक्त आदेश पारित कर इन बच्चों को एसओएस बालग्राम वाराणसी भेजने का निर्देश दिया।साथ ही महिला कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश के निर्देशक मनोज कुमार राय के निर्देश के तहत जिला प्रोबेशन अधिकारी बलिया समर बहादुर सरोज द्वारा विदा होते समय दोनों बच्चों को कपड़ा, जूते, दैनिक उपयोग की सामग्री, सूखा फल, बिस्कुट व नमकीन उपलब्ध कराया गया।

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