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AIOCD का बड़ा फैसला : देश के 9.40 लाख दवा विक्रेता उठा सकते हैं यह कदम


नई दिल्ली। 9.40 लाख केमिस्टों का देशव्यापी संगठन आल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एन्ड ड्रगिस्ट्स ने अपने सदस्यों के हितों के संरक्षण को देश के समस्त व्यापारियों के साथ लॉक डाउन में शामिल होने का विचार किया है। संस्था के अध्यक्ष जे.एस. शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल ने बताया कि देश का प्रत्येक केमिस्ट तमाम खतरों के बाबजूद देश की पीड़ित मानवता की सेवा दवा की निरंतर उपलब्धता से करवा रहें है। 

दवा विक्रेताओं का महत्त्व डॉक्टर, नर्स, हॉस्पिटल स्टाफ और सफाई कर्मचारियों से कम नहीं आँका जा सकता, क्योंकि वे तमाम लॉक डाउन और अनेक प्रतिबंधों के बाबजूद सभी प्रकार के खतरों से रूबरू होते हुए मैदान में डटे हुए है। किन्तु आज तक सरकार ने अनेक ज्ञापनों के बाबजूद न तो दवा विक्रेताओं/फार्मासिस्टों को कोविड वारियर घोषित किया, न ही उन्हें वेक्सीनेशन में प्राथिमकता प्रदान की गयी। अब तक देश में लगभग 650 से अधिक दवा विक्रेता पीड़ित मानवता की सेवा करते-करते कोविड का शिकार बन गए है। बावजूद सरकार ने दवा विक्रेताओं की सुधि नहीं ली। सरकार के इस नकारात्मक रवैये से देश के समस्त 9.40 लाख दवा व्यापारियों में भारी रोष है। 

दवा विक्रेता/फार्मासिस्ट और उनका स्टाफ सदैव ही मरीज एवं उनके परिजनों के दवा देते समय संपर्क में रहते है। उस खतरे की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। संस्था ने बताया कि दवा विक्रेता होने के बाबजूद भी जब हमारे परिजनों को रेमडेसिविर और टोसीजुमेब कि जरुरत हुई तो भी शासन के नियमों के अधीन हमें इंजेक्शन्स नहीं मिले। इससे भी कई केमिस्ट भगवान को प्यारे हो गए। अब यही हाल अम्फेटरोसिन का हो रहा है, जहां हम सरकार के तमाम प्रतिबंधों के बाद अपने परिजनों को भी यह उपलब्ध नहीं करवा पा रहें है।

अध्यक्ष जे एस शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल ने बताया कि हम जन स्वास्थ्य रक्षक दवा विक्रेता है। इस कोरोना काल में हम दवा की उपलब्धता को बनाये रखना चाहते है। इसलिए हम अभी तक किसी भी बंद या लॉक डाउन में शामिल नहीं हुए है। नेता द्वय ने सरकार से आग्रह किया है कि उपरोक्त खतरों के बाद भी 18 वर्ष के ऊपर के सभी दवा विक्रेता, फार्मासिस्ट व स्टाफ को कोविड वारियर घोषित कर उनका वैक्सीनेशन तुरंत प्रारम्भ किया जाय, अन्यथा देश के समस्त दवा विक्रेता लॉक डाउन में अन्य व्यापारियों के साथ साथ शामिल होने को मजबूर होंगे।

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