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छलावा कर रही सरकार, भविष्य को लेकर पूरी तरह निराश है शिक्षामित्र : पंकज सिंह


बलिया। प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में करीब 21 वर्षों से नौनिहालों का भविष्य संवार रहे शिक्षा मित्र अपने भविष्य को लेकर पूरी तरह निराश हो गये हैं। कोई मां-बाप व पत्नी का इलाज नहीं करा पा रहा है तो किसी के पास बच्चों की फीस के लिए पैसे नहीं है। अवसाद के कारण प्रतिदिन किसी न किसी शिक्षा मित्र की मौत हो रही है। 
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ बलिया के जिला प्रभारी पंकज सिंह ने कहा कि सरकार के नकारात्मक रवैया की वजह से प्रदेश के शिक्षा मित्र बहुत ही हतोत्साहित है। सरकार की कथनी व करनी में बहुत अंतर है। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि सरकार बनने पर तीन माह के अंदर शिक्षामित्रों का भविष्य सुरक्षित किया जायेगा। सरकार बनने के चार साल बाद भी भाजपा ने अपना वादा पूरा नहीं किया। सरकार में शामिल लोग बार-बार यह कहते हैं कि हमने शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाकर 10 हजार कर दिया, लेकिन कभी यह नहीं कहते कि हमारी सरकार बनने के बाद समायोजित शिक्षक जो 40 हजार तनख्वाह पाते थे, वह फिर से शिक्षा मित्र हो गये। वह भी साल में 11 माह की मानदेय पर। कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा मित्रों के साथ छलावा कर रही है। इस मंहगाई के दौर में कोई कैसे अपने बच्चों को पढ़ाये और परिवार वालों का दवा-इलाज करायें, समझ से परे है। शिक्षा मित्रों की उपेक्षा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 11 जनवरी को शासन ने पत्र जारी किया था कि शिक्षा मित्रों का मानदेय प्रतिमाह दस तारीख तक उनके खाते में हस्तानांतरित कर दिया जाएगा, लेकिन हुआ कुछ नहीं। मार्च के मानदेय के लिए होली के पहले ही पत्र जारी हो गया था, लेकिन अब तक शासन से बजट अवमुक्त नहीं किया गया। जिला प्रभारी ने कहा कि शिक्षा मित्र अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सांसद और विधायक गण से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन वह भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं।

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