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₹28790 करोड़ और 310 परियोजनाओं का हश्र : जीवन की तलाश में जीवनदायिनी ; देखें बलिया की तस्वीरें


बलिया। यह तस्वीर कड़वी सच्चाई है, जो शायद ही कइयों का गले से उतरे। अभी ट्रेन में बैठे मांझी पुल से नजारा देखकर अचरज हुआ। नमामि गंगे योजना पर 2014 में काम शुरू हुआ था। केंद्र की मौजूदा सरकार का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके तहत गंगा नदी के प्रदूषण को कम करने तथा गंगा नदी को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से कई कार्यों की शुरुआत की गई थी। 



नमामि गंगे के फ्लैगशिप कार्यक्रम के तहत आठ राज्यों उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, हरियाणा व हिमाचल प्रदेश में विभिन्न गतिविधियां चालू की गई थीं। इनमें मुख्य तौर पर सीवेज इंफ्रास्ट्रक्चर, नदी तट विकास, नदी सतह सफाई, घाट एवं शवदाह गृह, सांस्थानिक विकास, जैविक विविधीकरण संरक्षण, वन रोपण एवं ग्रामीण जल निकास प्रणाली के लिए 28790.66 करोड़ रुपये की लागत वाली 310 परियोजनाएं स्वीकृत की गई थी। अभी मार्च में ही नदियों की अविरल धारा गायब होने लगी है। अप्रैल, मई और जून में क्या होगा, यह सोचने वाली बात है। इस पर चिंतन होना चाहिये।



धनंजय पांडेय 'धनजी'

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