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अपनी हल कापी देख सकें परीक्षार्थी, ऐसी की जा रही पहल : डिप्टी सीएम

जलभराव की समस्या को लेकर तैयार करें एक्शन प्लान : डिप्टी सीएम


बलिया। जेएनसीयू बलिया के दीक्षांत समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने यहां के क्रांतिवीरों व महापुरुषों को याद करते हुए कहा कि बलिया का अपना इतिहास स्वर्णिम रहा है। इस यूनिवर्सिटी के बेहतर निर्माण करने का सौभाग्य वर्तमान सरकार को मिला। यह विश्वविद्यालय दिन-ब-दिन ऊंचाइयों को छू रहा है। विश्वविद्यालय में शोध कार्यों के साथ सेमिनार, वेबिनार समेत कई बड़े आयोजन हुए, जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यहां जलभराव की गंभीर समस्या के समाधान के प्रति कुलाधिपति समेत राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। जिला प्रशासन इसके लिए एक एक्शन प्लान तैयार कर उपलब्ध कराए। इस समस्या के समाधान के साथ विश्वविद्यालय के उन्नयन के लिए हरसम्भव कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में तमाम खामियां थी, जिसे पिछले चार वर्षों में दूर करने का प्रयास किया। इसके तहत 79 राजकीय महाविद्यालय की स्थापना की गई। स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम के आधार पर भी संचालन करने की व्यवस्था सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि लघु एवं मध्यम विभाग का अनुबंध उच्च शिक्षा विभाग से हुआ है, जिसका लाभ आगे देखने को मिलेगा। 

अपनी हल कापी देख सकें परीक्षार्थी, ऐसी की जा रही पहल

उच्च शिक्षा मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि परीक्षा में परीक्षार्थी बैठता है तो बाद में वह अपनी कापी देख सके, ऐसी व्यवस्था कराने का प्रयत्न किया जा रहा है। इससे मूल्यांकन में स्पष्ट पारदर्शिता दिख सकेगी। ऑनलाइन टीचिंग, ऑनलाइन अंक पत्र, ऑनलाइन सत्यापन की व्यवस्था को नई शिक्षा नीति के अंतर्गत जोड़ा है। नवाचार व प्रोत्साहन की नीति, कालेजों को स्वायत्तता प्रदान करने के साथ यहां के मेधावी छात्रों को विदेश नहीं जाना पड़े, ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों के बेहतर यूनिवर्सिटी की शाखा यूपी में भी खुल सके, ऐसी पहल की जा रही है। चंद्रशेखर विश्वविद्यालय सुविख्यात प्रांगड़ के रूप में जाना जाए, इसकी शुभकामनाएं दी। 

कुलपति ने बताई विवि की उपलब्धियां

कुलपति ने अतिथियों का स्वागत करने के बाद विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में बताया। कहा, विश्वविद्यालय ने टीवी से ग्रसित छह बच्चों को गोद लिया है। तमाम समस्याओं के बाद भी सीमित संसाधनों में सकुशल परीक्षा कराने और सबसे पहले परीक्षाफल घोषित किया। चूंकि विश्वविद्यालय मुख्य मार्ग से काफी हट कर है, लिहाजा यहां छात्र-छात्राओं के आने में दिक्कत होने के दृष्टिगत छात्राओं के लिए सुगम स्थल पर दूसरे परिसर का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी परिसर में एससी-एसटी के विद्यार्थियों के लिए परिसर में ही हास्टल बनने का प्रस्ताव पास हो चुका है। कुलपति प्रो पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने दायित्व का निर्वहन बखूबी कर रहा है। उन्होंने कहा कि लिविंग लिजेंड्स ऑफ बलिया ग्रुप में 70 लोग है, जिनमें आज के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति शम्भूनाथ जी भी शामिल हैं।

उपाधि पाने वालों में 66 फीसदी छात्राएं

दीक्षांत समारोह में कुल 21079 उपाधियाँ वितरित की गई, जिसमें 17,103 स्नातक व 3976 स्नातकोत्तर उपाधियाँ थी। उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में छात्राओं का अनुपात छात्रों से ज्यादा रहा। कुल 66.34 फीसदी छात्राओं ने उपाधि प्राप्त किया। राज्यपाल ने कहा कि बेटियों की संख्या ज्यादा होना महिला सशक्तिकरण और बेटी पढ़ाओ बेटी बढ़ाओ की सार्थकता को साबित करती है।

शोभायात्रा के साथ दीक्षांत समारोह में पहुंचीं राज्यपाल

राज्यपाल का हेलीकॉप्टर ठीक दस बजे विवि परिसर में उतरा। जहां उनका स्वागत कुलपति प्रो कल्पलता पाण्डेय व जिलाधिकारी अदिति सिंह ने पुष्पगुच्छ देकर किया। इसके बाद उन्होंने डार्क रूम में दीक्षांत समारोह के लिए निर्धारित गणवेश धारण किया। फिर शोभायात्रा के साथ दीक्षांत समारोह स्थल पर पहुंचीं। 

स्मारिका व पुस्तक का किया विमोचन

राज्यपाल समेत अन्य अतिथियों ने मंच से जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय की स्मारिका 'मंथन', त्रैमासिक समाचार पत्र 'अन्वीक्षण' के तृतीय अंक के साथ दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ की पुस्तक विचार-प्रवाह का लोकार्पण किया। इसके अलावा लिजेंड्स एंड लिविंग लिजेंड्स ऑफ बलिया पुस्तक एवं परिसर के प्राध्यापक प्रमोद शंकर पांडे की 'सर्वेश्वर दयाल शर्मा का रचना संसार', राजनीतिशास्त्र की प्रवक्ता मनीषा सिंह की रचना व गोपाल जी महाविद्यालय की प्राचार्य साधना श्रीवास्तव की पुस्तक 'अजस्रधारा' का भी लोकार्पण किया।

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