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मंडल रेल प्रबंधक ने लिया दोहरीकरण से सम्बंधित कार्यों का जायजा


गाजीपुर। मंडल रेल प्रबंधक विजय कुमार पंजियार ने शुक्रवार को नन्दगंज-गाजीपुर सिटी खंड के दोहरीकरण के परिप्रेक्ष्य में प्री-नान इंटरलाकिंग, नान-इंटरलाकिंग कार्य तथा आज से गाजीपुर सिटी स्टेशन पर दोहरी लाइन एवं नए प्लेटफार्म के निर्माण कार्यों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने नन्दगंज-गाजीपुर रेल खण्ड के दोहरीकरण सह विद्युतिकरण कार्यो की समीक्षा की और संबंधित को दिशा निर्देश दिये। दोहरीकरण के संबंध में उन्होंने गाजीपुर सिटी स्टेशन पर चल रहे प्लेटफार्म निर्माण, नई लाइन की जड़ाई,स्टेशन सेक्शन, फाउलिंग मार्क, हाई वोल्टेज ओवर हेड ट्रैक्शन,ट्रैक्शन पोल एवं लाइनें, फुट ओवर ब्रिज,नए पॉइंट जोन, नए सिगनलों के संस्थापन आदि का गहन निरीक्षण किया और संबंधित को मानकों का पूर्णतः पालन करते हुए पूरी गुडवत्ता के साथ समय से पूर्ण करने का निर्देश दिया।
मंडल रेल प्रबंधक विजय कुमार पंजियार के साथ वरिष्ठ मंडल इंजीनियर द्वितीय मनोज कुमार सिंह,वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक  रोहित गुप्ता, वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर त्रयम्बक तिवारी, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (TRD) पंकज केशरवानी, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (सामान्य) सत्येंद्र यादव एवं वरिष्ठ अधिकारी निरीक्षण में शामिल थे।
इसके पश्चात मंडल रेल प्रबंधक ने गाजीपुर स्थित क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान पहुँचे और संस्थान में कोरोनॉ काल के बाद चल रहे 07 औपचारिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संज्ञान लिया। इसके साथ ही कोविड-19 प्रोटोकॉल के अंतर्गत जोनल ट्रेनिंग सेंटर पर प्रशिक्षु स्टेशन मास्टरों एवं गार्ड  के लिए ऑन लाइन ट्रेनिंग क्लास की सुविधा का भी निरीक्षण किया। इस दौरान संस्थान में प्रशिक्षणरत गार्ड एवं स्टेशन मास्टर के प्रशिक्षण हेतु अनिवार्य रिफ्रेशर/पुनश्चर्या कार्यक्रमों की समीक्षा की और  रनिंग स्टाफ की संरक्षित और कुशल ट्रेन संचालन के लिए आपेक्षित संरक्षा,परिचालन एवं समस्या निवारण ज्ञान तथा कौशल का परीक्षण किया और संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर आयोजित एक काउंसलिंग सेमिनार में मंडल रेल प्रबंधक ने गार्ड एवं लोको पायलटों द्वारा प्रयोग किये जाने वाले लाइन बॉक्स तथा नई ट्राली बैग दोनों को खोल कर तुलनात्मक प्रदर्शन दिखाया कि किसप्रकार से ट्राली बैग ज्यादा सुविधाजनक और तकनीकी रूप से आधुनिक है। उन्होंने बताया कि रेलवे प्रशासन के नीतिगत निर्णय के अनुकरण में लाइन बॉक्स के स्थान पर ट्राली बैग दिए जा रहे हैं। यह प्रक्रिया पूर्व मध्य रेलवे एवं अन्य क्षेत्रीय रेलवे में पहले से लागू है। यह ट्राली बैग कर्मचारियों की सुविधा एवं कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए दिए जा रहे हैं। 
ट्राली बैग में वजनी किताबों (रुल बुक) के स्थान पर टैब दिया जा रहा है, जिसके उपयोग से गार्ड एवं ड्राइवर तकनीकी रूप से दक्ष होंगे। इस ट्राली बैग का सभी संरक्षा उपकरणों के साथ वजन 5-6 किग्रा से अधिक नहीं होगा। इस अवसर पर जोनल रेलवे ट्रेनिंग सेंटर के प्रधानाचार्य हीरालाल, ट्रेनिंग सेन्टर के मुख्य अनुदेशक कमलेन्द्र किशोर, वरिष्ठ अनुदेशक राय राजवेन्द्र, श्री दिवेश तिवारी एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कर्मचारी उपस्थित थे। 

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