स्पीड ट्रायल : बलिया के इस रूट पर 105Km की रफ्तार से चली ट्रेन


वाराणसी। रेलवे प्रशासन द्वारा यात्री सुविधाओं के उन्नयन एवं परिचालन सुगमता हेतु मूलभूत ढ़ांचे में विस्तार के क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी मंडल के इंदारा-फेफना रेल खण्ड (50 किमी) का विद्युतीकरण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। रेल संरक्षा आयुक्त, उत्तर पूर्वी सर्किल मो लतीफ़ खान ने गुरुवार 25 मार्च को इंदारा-फेफना खंड पर विद्युतीकरण कार्यों का संरक्षा निरीक्षण सम्पन्न किया। निरीक्षण के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) आरके यादव, मंडल रेल प्रबन्धक, वाराणसी विजय कुमार पंजियार,  मुख्य विद्युत इंजीनियर संतोष बैरवा, मुख्य इंजीनियर निर्माण पन्नालाल, मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर निर्माण नीलाभ महेश, मुख्य विद्युत डिजाइन इंजीनियर आरके गुप्ता, उप मुख्य इंजीनियर निर्माण अरुण कुमार, उप मुख्य विद्युत इंजीनियर निर्माण एसपी यादव समेत निर्माण संगठन एवं मंडलीय अधिकारी उपस्थित थे।



रेल संरक्षा आयुक्त मोहम्मद लतीफ खान ने सबसे पहले इंदारा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और विद्युतीकृत रेल खण्ड के मानक के अनुरूप यार्ड प्लान, इंटरलॉकिंग स्टैण्डर्ड, ब्लाक यन्त्र, स्टेशन वर्किंग रूल, केंद्रीकृत स्टेशन पैनल, पैदल उपरिगामी पुल, प्लेटफार्म क्लियरेंस, ओवर हेड ट्रैक्शन की ऊंचाई, रिलेरूम, बैटरी रूम, पावर डिस्ट्रीब्यूशन रूम, अनुरक्षण कक्ष एवं परिचलनिक व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने इंदारा के पावर सब स्टेशन पर फीडर पावर सप्लाई वितरण प्रणाली तथा नियंत्रण फीडर आइसोलेशन आदि की संरक्षा परखी और पावर सब स्टेशन का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने पावर सब स्टेशन पर कार्यरत कर्मचारियों का संरक्षा ज्ञान परखा तथा  विद्युत धारा के शार्ट सर्किट से आग लगने जैसी विषम परिस्थितियों  का सामना करने और उस पर काबू करने के बारे में तकनीकी जानकारी दी। इसके बाद रेल संरक्षा आयुक्त ने इंदारा-फेफना रेल खण्ड पर विद्युतीकरण के निरीक्षण करते हुए आगे बढ़े और  रतनपुरा-रसड़ा के मध्य समपार संख्या 20बी का गहन निरीक्षण किया और विद्युतीकृत रेल खण्ड के अनुरूप विकसित बूम लॉक, हाइट गेज तथा ट्रैक्शन लाइन क्लियरेंस की जाँच की। इस दौरान उन्होंने गेटमैन से विधुतीकृत क्षेत्र में लागू आवश्यक सावधानियों के विषय मे संरक्षा प्रश्न पूछा सही जवाब मिलने पर सन्तुष्ट हुए।


तदुपरांत रेल संरक्षा आयुक्त ने अपने विद्युतीकरण के निरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत रसड़ा रेलवे स्टेशन का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने विद्युतीकृत क्षेत्र के मानकों के अनुरूप स्टेशन वर्किंग प्लान, परिचालनिक प्रबंधन, रेलवे ट्रैक एवं सिगनल अनुरक्षण, रिले रूम, आईपीएस रूम, पावर डिस्ट्रीब्यूशन पैनल तथा यात्री सुविधाओं यथा प्लेटफॉर्म क्लियरेंस, पैदल उपरिगामी पुल, टिकट बुकिंग काउंटर समेत विभिन्न संरक्षा उपकरणों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन मास्टर तथा इंजीनियरिंग गैंगमैनों से विद्युतकृत रेल खण्ड की सावधानियों से सम्बंधित संरक्षा प्रश्न भी पूछे। अधिकांश सही उत्तरों पर संतोष व्यक्त किया और सही सर्कुलर की जानकारी देकर उनका ज्ञानवर्धन किया। इसके उपरांत रेल संरक्षा आयुक्त ने अपने विद्युतीकरण के निरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत रसड़ा-चिलकहर रेलवे स्टेशन के मध्य किमी सं-13/5-6 बसही नदी पर पड़ने वाले मेजर ब्रिज संख्या 09  का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने ब्रिज पर ओवरहेड ट्रैक्शन लइन एवं स्पैम से मानक दूरी का परिमापन भी कराया। निरीक्षण के अंतिम चरण में रेल संरक्षा आयुक्त फेफना रेलवे स्टेशन पहुंचे और स्टेशन का संक्षिप्त निरीक्षण किया। उन्होंने प्लेटफ़ार्मों एवं पैदल उपरिगामी पुल के नवनिर्मित रैंप का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समापन के पश्चात फेफना से इंदारा स्पीड ट्रायल किया गया, जो 105 किमी/घण्टे की औसत गति से कुशलतापूर्वक पूरा हुआ।

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