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बलिया : ज्ञानपीठिका व वन विभाग की अनूठी पहल, 8 स्कूल के बच्चों ने किया प्रतिभाग


बलिया। नमामि गंगे, विश्व गौरैया दिवस एवं स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवनारायण सिंह, जिला वन्य अधिकारी श्रद्धा यादव,  ज्ञानपीठिका स्कूल की प्रधानाचार्य तथा अन्य ने दीप प्रज्वलित कर किया। वन विभाग और ज्ञानपीठिका स्कूल के संयुक्त तत्वधान में आयोजित इस कार्यक्रम के पहले दिन जनपद के विभिन्न आठ विद्यालयों के विद्यार्थी सम्मिलित हुए। बच्चों ने जैव विविधता आधारित प्रश्नोत्तरी परीक्षा में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं गौरैया संरक्षण पर चित्रकला प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन एवं गंगा स्वच्छता रैली निकाली। कार्यक्रम में उपस्थित सभी बच्चों से जिला वन्य अधिकारी श्रीमती यादव ने परस्पर संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से कई सारे रोचक प्रश्न पूछ कर उनका उत्तर बताते हुए उनका ज्ञानवर्धन किया।



गौरैयों की घटती संख्या पर वन्याधिकारी ने व्यक्त की चिंता  

श्रीमती यादव ने जैव विविधता और स्वच्छता आदि विषयों पर गहनता से प्रकाश डाला। वन्याधिकारी ने आंगन की फुदकती हुई गौरैयों की घटती संख्या पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि गौरैया कहीं ना कहीं हम सभी के घर की सदस्य रही है, जो आज आधुनिक जीवन पद्धति के विकास से प्रभावित हो रही है। मोबाइल टावर रेडिएशन के कारण इस पंछी प्रजाति के गर्भधारण प्रभावित हो रहा है। इसके फलस्वरूप इनकी संख्या में भारी गिरावट आ रही है। यह पंछी प्रजाति आस पास के हानिकारक कीट पतंगों को खा जाता थे, जिससे मनुष्य को मदद मिलती थी। पर्यावरण के प्रति आम आदमी संवेदनशील हो इसके लिए सभी बच्चों में मिलकर पद यात्रा की। इस दौरान लगातार गंगा बचाओ, पर्यावरण बचाओ आदि नारे लग रहे थे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों में एक उमंग की लहर दौड़ती दिखाई दी। 

Principal ने की पर्यावरण को स्वयं से जोड़ने की अपील

ज्ञानपीठिका स्कूल की प्रधानाचार्य श्रीमती संस्कृति सिंह ने अपनी बात रखते हुए मनुष्य और शेष पर्यावरण के आपसी संबंध पर प्रकाश डाला। जीवन और जीव की बात करते हुए उन्होंने स्वयं को इस पर्यावरण से जोड़ने का अनुरोध किया। बच्चों को जैव विविधता से, नदियों के प्रवाह से रूबरू कराते हुए उन्होंने कई महवपूर्ण बातें कहीं। अपने वक्तव्य के अंत में उन्होंने पूरे विद्यालय परिवार की ओर से सबका धन्यवाद ज्ञापित किया।

ये स्कूल हुए शामिल

ज्ञानपीठिका स्कूल के अलावा प्राथमिक विद्यालय पटखौली, देवकली, उच्च प्राथमिक विद्यालय देवकली व कम्पोजिट विद्यालय भरतपुरा, प्राथमिक विद्यालय जीराबस्ती नं-1, फूलवसिया देवी रामजन्म शिक्षण संस्थान, राजकीय इण्टर कालेज, बलिया के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस मौके पर हेमलता सिंह, अंकुर द्विवेदी, संजीव मौर्य इत्यादि रहे। 


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