बलिया : 'प्रेरणा ज्ञानोत्सव' में मिशन पर हुई बात, चेयरमैन ने उपहार दिया 'खास'


बलिया। मिशन प्रेरणा की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत प्रेरणा ज्ञानोत्सव कार्यक्रम नगर क्षेत्र पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे चेयरमैन अजय कुमार समाजसेवी ने आश्वस्त किया कि प्रत्येक परिषदीय विद्यालय की साफ-सफाई सुनिश्चित की गई है। इसके लिए सभी विद्यालय के प्रधानाध्यापक से अनुरोध किया कि वे अपने वार्ड के सदस्य को अपने विद्यालय की एक चाबी दे दें, ताकि विद्यालय खुलने से पूर्व सफाई कर्मी के माध्यम से प्रत्येक विद्यालय की साफ सफाई कराई जा सके। 

इससे पहले प्रेरणा ज्ञानोत्सव का शुभारम्भ कंपोजिट विद्यालय तिलक के प्रांगण में चेयरमैन अजय कुमार समाजसेवी व खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र धर्मेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। ज्ञानोत्सव कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए नगर शिक्षा क्षेत्र के अंग्रेजी विषय के एआरपी डॉ शशि भूषण मिश्र ने बताया की बुनियादी भाषा के लिए अधिक कालांश निर्धारित किए गए हैं। साथ ही साथ बुनियादी गणित के लिए भी अधिक कालांश निर्धारित  किए गए हैं, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। मिशन प्रेरणा के अंतर्गत छात्र कौशल विकास के लिए अलग से अवधि निर्धारित की गई है।  बच्चों के लिए रीडिंग कार्नर के उपयोग को भी वरीयता प्रदान की गई है। 



राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा निर्मित आधारशीला, ध्यानाकर्षण व शिक्षण संग्रह पुस्तिका के अध्ययन और प्रयोग के बाद परिषदीय शिक्षक और अधिक सहजता पूर्वक शिक्षण कार्य कर पा रहे हैं। प्रत्येक छात्र छात्रा को प्रेरणा लक्ष्यों की प्राप्ति की ओर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। कोविड-19 संक्रमण, जो कि एक वैश्विक महामारी के रूप में उभर कर सामने आई है।इसकी वजह से हमारे विद्यालय कई महीनों से बच्चों के लिए बंद चल रहे थे, जिसकी वजह से वे एक लंबे समय तक विद्यालयों से दूर रहे हैं। यद्यपि कि विभिन्न संचार माध्यमों द्वारा उन्हें शिक्षित करने का प्रयास किया जाता रहा है। फिर भी उनके लिए जब नियमित कक्षाएं खोल दी गई हैं तो समृद्ध कार्यक्रम के अंतर्गत 100 दिनों का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उनकी संप्राप्ति को सुनिश्चित किए जाने हेतु प्रत्येक परिषदीय विद्यालय दृढ़ संकल्पित है। प्रेरणा ज्ञानोत्सव कार्यक्रम के मुख्य बिंदुओं को परिलक्षित करते हुए एआरपी ने बताया कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में मिशन प्रेरणा के अंतर्गत लिंग संवेदीकरण के अर्थ को समझना अति आवश्यक है। जब हम एक पुरुष को शिक्षित करते हैं तो एक व्यक्ति को शिक्षित करते हैं। लेकिन एक महिला को शिक्षित करते हैं एक राष्ट्र को शिक्षित करते हैं।

खंड शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने उपस्थित अभिभावकों, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष व सदस्य गणों से आह्वान किया कि हमें बालिका शिक्षा के प्रति जागरूकता अपनानी होगी व समान भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी, उन्हें आत्मरक्षा के प्रशिक्षण में पारंगत कराना होगा और जो हमारी महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर हैं उनका उपयोग भी उनको करना सिखाना होगा। माता-पिता अभिभावक होने के साथ विद्यालय परिवार की भी अमूल्य धरोहर हैं। अपने बच्चों के विकास के बारे में समय-समय पर जानना उनका अधिकार है।एआरपी भवतोष कुमार पांडे ने रीड एलांग एप्लीकेशन की महत्ता को समझाते हुए सभी अभिभावकों व उपस्थित जनों से अपील किया कि आप अपने मोबाइल फोन में इस एप्लीकेशन को डाउनलोड करते हुए इससे बच्चों को पढ़ने में मदद करें इससे उनका भाषाई विकास निश्चित रूप से समृद्ध हो सकेगा। एआरपी राम रतन सिंह यादव ने उपस्थित विशिष्ट जनों का स्वागत प्रेरणा  गीत प्रस्तुत करके किया। अजय कुमार सिंह द्वारा मिशन प्रेरणा के लक्ष्यों की प्राप्ति में राज्य परियोजना कार्यालय तथा उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि यदि हम मिशन प्रेरणा के लक्ष्यों की संप्राप्ति चाहते हैं तो हमें बच्चे की नींव को मजबूत करना होगा। इसके लिए अभिभावकों का सहयोग नितांत आवश्यक होगा। मिशन प्रेरणा के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति, तभी संभव है जब हम  सकारात्मक सोच के साथ बच्चों के सीखने सिखाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। कार्यक्रम में डॉक्टर सुनील कुमार गुप्ता, प्रमोद चंद तिवारी, अविनाश चंद्रा, मोहम्मद वजैर, सरफुद्दीन अंसारी, सुजीत, संतोष, रवि शंकर प्रसाद, राजेश गुप्ता आदि ने सहयोग प्रदान किया।

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