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भावात्मक पल को बिछड़ते वक्त नहीं रोक सका बलिया का यह शिक्षक


बलिया। अन्तर्जनपदीय के बाद बेसिक शिक्षा परिषद में हुए पारस्परिक स्थानांतरण में जहां शिक्षकों को ऐच्छिक जनपदों में जाने की खुशी हुई, वहीं उनके जाने से विद्यालय के बच्चों तथा विद्यालय प्रांगण का माहौल गमगीन हो उठा। सभी के चेहरे मायूस हो गये। शिक्षा क्षेत्र रेवती के कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय डुमरिया के प्राथमिक विद्यालय डुमरिया पर तैनात सहायक अध्यापक जानकी प्रसाद का पारस्परिक स्थानांतरण उनके गृह जनपद बहराइच हो गया। बुधवार को उनके विदाई में विद्यालय परिवार द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। 
मुख्य अतिथि प्राथमिक शिक्षक संघ (पंजीकृत) के जिलाध्यक्ष निर्भय नारायण सिंह ने शिक्षक जानकी प्रसाद को रोली व गुलाल का तिलक लगाकर माल्यार्पण, स्मृति चिह्न व अंगवस्त्रम् से सम्मानित किया।जिलाध्यक्ष ने कर्मठ, लगनशील और समय के पाबंद जानकी प्रसाद के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बताया कि एक शिक्षक की असली पूंजी उसके विद्यालय में बच्चों के साथ निष्ठापूर्वक शैक्षिक क्रियाकलाप में बिताए गए पल हैं। इसी पूंजी के बदौलत वह समाज में मान-सम्मान पा सकता है। समाज व राष्ट्र के उत्थान में सबसे बड़ी भागीदारी का निर्वहन कर सकता है। कहा कि सरकार शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में संलिप्त कर समाज में बिना वजह अपमानित कराने की साजिश कर रही है। आज मौलिक गिरावट के इस परिवेश में गिरते सामाजिक मूल्यों व सामाजिक स्तर को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कौशलों से कोई रोकने, ऊंचा उठाने व बेहतर बनाने का कार्य कर रहा है तो वह सिर्फ शिक्षक है। सरकार जब जिम्मेदारी, कर्तव्यनिष्ठा व ईमानदारी के साथ किसी सामाजिक, राष्ट्रीय व आपदा या महामारी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को कराना चाहती है, तब इस जिम्मेदारी के लिए वह सिर्फ शिक्षकों पर ही भरोसा करती है। इस मौके पर स्थानांतरित शिक्षक ने अपने हृदय के उद्गार में बच्चों के साथ एक कुशल कुम्हार के रुप में विद्यालय में व्यतीत किए भावात्मक पल को बिछड़ते वक्त रोक नहीं पाये। उन्होंने कहा कि ताउम्र मैं इस विद्यालय, बच्चों व बलिया का ऋणी रहूंगा। इन स्वर्णिम स्मृतियों को संजोए रखूंगा। इस अवसर पर डुमरिया संकुल प्रभारी अखिलेश कुमार उपाध्याय, प्रधानाध्यापिका श्रीमती नीलम श्रीवास्तव, विनोद कुमार दुबे, दीपक कुमार सिंह, मंशा पाण्डेय, करिश्मा पाण्डेय, जागृति पाण्डेय, फखरुद्दीन अली अहमद, अरविंद चौहान,  ब्रजेश जी, राजेन्द्र जी, अली हसन, भारतेन्दु जी, खड्ग बहादुर, वकील, विद्यालय की रसोइयां व बच्चे उपस्थित रहे। अध्यक्षता प्रधानाध्यापिका नीलम श्रीवास्तव व संचालन विजय तिवारी ने किया।

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