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बलिया का निक्की मर्डर केस : आखिरी बार प्रेमिका से पूछा- मुझसे शादी करोगी या नहीं ; फिर...


बांसडीह, बलिया। हत्यारोपी प्रेमी को प्रेमिका की जघन्य हत्या से कोई मलाल नहीं है। वह किसी भी परिस्थिति में प्रेमिका से शादी करना चाहता था, लेकिन युवती तैयार नहीं थी। इस बीच, युवती की शादी कही और तय हो गयी। इससे नाराज प्रेमी जल्लाद बन गया। घर में अकेली युवती की उसने बांका (ताड़ी निकालने के लिए प्रयोग में लाया जाना वाला औंजार) से हत्या कर दी, जिसे जितना भी क्रूरतम कहा जाय कम होगा। 



हत्यारोपी सहतवार थाना क्षेत्र के बघाव निवासी ध्यानू उर्फ धुरु पासवान पुत्र काशीनाथ ने बताया कि राधिका उर्फ निक्की के साथ उसका दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था।अचानक युवती के परिजनों ने उसकी शादी कही अन्यत्र तय कर दी। युवती द्वारा प्रेमी का फोन भी नहीं उठाया जा रहा था। वहीं, बार बार फोन से परेशान युवती ने प्रेमी का फोन नम्बर ब्लैकलिस्ट कर दिया था, जिससे वह परेशान था। उसने तय कर लिया था कि इसको मैं मारूंगा। हत्याकांड के एक दिन पहले हत्यारोपी ने किसी अन्य नम्बर से युवती को फोन किया और आखिरी बार मिलकर बात के लिए कहा था। शुक्रवार को वह युवती से मिलने उसके घर पहुंचा और पुनः शादी की बात की, लेकिन युवती ने मना कर दिया। हत्यारोपी ने बताया कि वह युवती के ही दुपट्टे से उसका हाथ पीछे से बांधकर आखिरी बार शादी के बावत पूछा। युवती के मना करने पर ध्यानू ने बांका (ताड़ी निकालने के लिए प्रयोग में लाया जाना वाला औंजार) से गला काटकर हत्या कर दिया। हत्या के बाद मृतका के शव के पास कुछ देर रहने के बाद वह ऊपर गया और पानी टंकी से हथियार साफ कर पीछे पैंट में रख धीरे से बिल्डिंग से बाहर निकल कर घर चला गया। लेकिन घटना के सात घंटे के अंदर ही पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा के निर्देशन में बलिया पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस को इस हत्याकांड को सुलझाने में मृतका का मोबाइल बड़ी मदद की। पुलिस के अनुसार राधिका की हत्या के बाद हत्यारा प्रेमी उसका मोबाइल अपने साथ घर लेते गया था। सर्विलांस टीम ने मृतका के मोबाइल का लोकेशन ट्रेस कर हत्यारोपी को गिरफ़्तार किया।

टीम को 21 हजार का इनाम

दिन-दहाड़े दिल दहला देने वाली घटना को अंजाम देने वाले हत्यारा प्रेमी को पुलिस टीम ने सात घंटे के अंदर ही उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की कार्रवाई से सन्तुष्ट होकर डीआईजी ने टीम को 21 हजार नकद पुरस्कार तथा प्रशस्ति पत्र देने की घोषण की है।

विजय कुमार

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