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बलिया : नाबालिग को न्याय, दरिंदे को मिली सजा

 


बलिया। मंडलीय समीक्षा में डीआइजी आजमगढ़ परिक्षेत्र द्वारा चिन्हित वाद पाक्सो एक्ट के मामले में पुलिस अधीक्षक बलिया के निर्देशन में प्रभावी पैरवी के चलते  नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म के आरोपी अभियुक्त को न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध पाते हुए 10 वर्ष का सश्रम कारावास व जुर्माने से दण्डित किया गया।
जनपद में मिशन शक्ति के तहत प्रभावी पैरवी हेतु चलाये जा रहे अभियान, मॉनिटरिंग सेल के प्रभावी पर्यवेक्षण व संयुक्त निदेशक अभियोजक बलिया सुरेश कुमार पाठक द्वारा चिन्हित व प्रभावी पैरवी तथा विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो एक्ट) देवनारायण पाण्डेय ने मामले में प्रभावी विचारण की कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए अभियुक्त को सजा दिलाने हेतु सशक्त तर्कों को प्रस्तुत किया। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/पाक्सो कोर्ट संख्या-10 बलिया ओमकार शुक्ला द्वारा बुधवार को अभियुक्त राजेश कुमार उर्फ जर्सी पुत्र कांता राम को धारा 363 में 05 वर्ष का सश्रम कारावास व 05 हजार रुपया अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।अर्थदण्ड न अदा करने पर 05 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।धारा 366 भादवि में दोषी पाते हुये 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 05 हजार के अर्थदण्ड अदा करना होगा। अर्थदण्ड न अदा करने पर 05 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। धारा 376 (2) झ भादवि में दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 20 हजार रुपया के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड न अदा करने पर 06 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।      

ये है प्रकरण
2016 को अभियुक्त राजेश कुमार उर्फ जर्सी पुत्र कांता राम मुसहर (निवासी नागपुर उत्तर पट्टी थाना रसड़ा) द्वारा वादी की नाबालिग भतीजी को भगाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के संबंध में थाना रसड़ा पर वादी की तहरीर पर धारा 363, 366, 376 भादवि व 3/4 पाक्सो एक्ट पंजीकृत किया गया था। जनपद पुलिस द्वारा उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार पुलिसकर्मियों के साक्ष्य शीघ्र न्यायालय में निस्तारण कराने पर बल दिया जा रहा है, जिसके चलते नतीजे सामने आ रहे हैं। 

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