बलिया: शिक्षक नेता ने बजट को बताया लोक-लुभावन, कहा- शिक्षक-कर्मचारियों, शिक्षामित्र समेत इन कर्मियों की टूटी उम्मीद


बलिया। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. घनश्याम चौबे ने प्रदेश सरकार के इस बजट को लोक-लुभावन व चुनावी बजट की संज्ञा दी है। कहा कि बजट में शिक्षक, कर्मचारी, नियत मानदेय कर्मियों व पेंशनरों के लिए कोई भी प्राविधान नहीं किया गया है।
बढ़ती महंगाई दर के दृष्टिगत प्रदेश सरकार के इस बजट से प्रदेश सरकार के 28 लाख कर्मचारियों एवं पेंशनरों को बीते साल कोरोना काल के चलते फ्रिज डीए को बहाल करने की उम्मीद थी, लेकिन बजट में इसका प्राविधान न होने के कारण शिक्षक, कर्मचारी व पेंशनरों में मायूसी है। असंगठित क्षेत्र के कामगारों को भी बेहतर जीवन स्तर के लिए इस बजट से काफी उम्मीद थी, जिन्हें दुर्घटना बीमा के झुनझुना से संतोष करना पड़ा। बढ़ती महंगाई में निश्चित मानदेय वाले कर्मियों (शिक्षामित्र, अनुदेशक, अंशकालिक व पूर्णकालिक कस्तूरबा गांधी अवासीय बालिका विद्यालय के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी आदि) को सम्मानजनक जीवन यापन के लिये मानदेय वृद्धि की इस बजट से उम्मीद थी, लेकिन इन्हें निराशा ही हाथ लगी है। डॉ. चौबे ने प्राथमिक व उच्चप्राथमिक विद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 272 करोड़ का बजट आवंटित किये जाने को सराहनीय पहल बताया। लेकिन यह भी कहा कि इस बजट से सरकार का शिक्षक, कर्मचारी विरोधी चेहरा बेनकाब हुआ है।

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