बलिया में शिक्षामित्र की मौत : बिलख रही पत्नी, तड़प रही नादान संतानें ; लेकिन...


दुबहर, बलिया। शिक्षा क्षेत्र दुबहर के कछुआ रामपुर गांव में लगभग चार दिन पहले शिक्षा मित्र सुशील कुमार (42) पुत्र राजकिशोर राम की मौत हो गई, लेकिन किसी ने इस परिवार की सुधि अब तक नहीं ली। गरीबी के तपते रेगिस्तां में किसी तरह परिवार की परवरिश करने वाले सुशील कुमार को करीब तीन माह से पगार भी नहीं मिली थी। उनकी मौत से परिवार पर बज्रपात सा हो गया है। कहीं पत्नी बिलख रही है तो कहीं नादान संतानें। 
क्षेत्र के रामपुर प्रावि पर तैनात सुशील चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उन पर ही माता-पिता व पूरे परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी थी। इस परिवार की गरीबी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आज तक इन्हें पक्का छ्त नसीब नहीं हो सकी है। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं इस गरीब परिवार के लिए शायद बनी ही नहीं है। झोपड़ी में गुजारा कर रहे इस परिवार को सुशील की मौत ने झकझोर कर रख दिया है। मृतक की पत्नी चंदा देवी व बच्चो का रोते-रोते बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग तीन महीने से पगार नहीं मिलने के कारण सुशील काफी तनाव में थे। 
उनकी तबीयत लगभग 10 दिनों से खराब थी, लेकिन पैसा के अभाव में वह अपना अच्छा इलाज नहीं करा सके। मृतक अपने पीछे पत्नी के साथ 5 बच्चो को छोड़ गए हैं। इसमें कौशल 13 साल का है, जबकि चार लड़कियों में अर्पिता व हर्षिता जुड़वा 11 वर्ष, कृतिका 6 वर्ष व वृतिका 4 वर्ष की है।

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