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बलिया : ज्ञानपीठिका में कुछ यूं मना 'वसंतोत्सव', Principal ने दी शुभकामनाएं


बलिया। ज्ञानपीठिका स्कूल द्वारा 'वसंतोत्सव' कार्यक्रम मां सरस्वती पूजन से आरंभ होकर कथक का मूल रूप 'नृत्य नाटिका' पर सम्पन्न हुआ। ज्ञानपीठिका परिवार की ओर से आयोजित इस शुभ पूजन में जनपद के महनीय लोग उपस्थित रहें। 


विद्यालय के अध्यापक आचार्य कन्हैया मिश्र के सानिध्य में सभी ने पूजन में भाग लिया। तत्पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम (वादन, गायन और कथक नृत्य) की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया। 


नृत्यकार ने द्रौपदी चीर हरण के माध्यम से नारी सशक्तिकरण की बात रखी, जहां कृष्ण मदद को आते हैं और लाज रखते हैं।विद्यालय की प्रधानचार्य संस्कृति सिंह ने आभार प्रकट करते हुए यह कहा कि वसंत का उत्सव लोक और प्रकृति के समन्वय का अनूठा उदाहरण है। शिक्षा या किसी नई कला को शुरु करने के लिए यह दिन बेहद शुभ माना जाता है। 


वाराणसी से आए डॉ. अजीत ने बांसुरी की स्वर लहरी से सबका मन को मोह लिया। वहीं, डॉ. सुशील ने वायलिन वादन से महफ़िल ही लूट ली... तबले पर अंकित धर द्विवेदी एवं सराफत ने संगत दी। गायन आशीष एवं दीपक वर्मा ने किया। इन कलाकारों का सम्मान करते हुए विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य सुनील सिंह ने अपनी मूल परंपरा की ओर लौटने की बात रखी। इस अवसर पर प्रिया सिंह एवं चंद्रावती सिंह उपस्थित रहें। कार्यक्रम का सम्पूर्ण संचालन अध्यापिका अमिता सिंह ने किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की निदेशक रीना सिंह ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया।

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