बजट ने उजागर किया सरकार का कर्मचारी और मध्यम वर्गीय विरोधी चेहरा : डॉ. घनश्याम


बलिया। आम बजट को एक सामान्य बजट कहा जा सकता है, जिसमें वेतन भोगी कर्मचारियों एवं मध्यम वर्ग को कोई राहत नहीं दी गई है। टैक्स स्लैब में कोई परिवर्तन नहीं किया जाना सरकार की कर्मचारी एवं मध्यम वर्गीय विरोधी चेहरा उजागर हुआ है। निश्चित आय वाले विनियोक्ता वर्ग को कोई राहत नहीं दी गई है। वहीं पेंशनरों को आंतरिक राहत की बात कही गई है। पब्लिक सेक्टर की परिसंपत्ति मुद्रीकरण कानून द्वारा उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने एवं सामान्य जनमानस के हितों के लिए स्थापित पब्लिक सेक्टर को निजी हाथों में सौंपने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। आपदा काल में सकल घरेलू उत्पाद को मजबूत बनाने एवं मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति को और सुदृढ़ बनाने के लिए टैक्स स्लैब में लाभकारी परिवर्तन अति आवश्यक था। ऐसा न होने से वेतनभोगी एवं मध्यमवर्ग को निराशा हाथ लगी है। इस बजट से वर्तमान सरकार का निश्चित आय वाले विनियोक्ता वर्ग एवं कर्मचारी विरोधी चेहरा उजागर हुआ है।

डॉ. घनश्याम चौबे, जिलाध्यक्ष विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, बलिया 

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