BEO व डीसी की लापरवाही में फंसा बलिया के शिक्षामित्रों का मानदेय : पंकज सिंह


बलिया। शिक्षामित्र और अनुदेशक बेसिक शिक्षा परिषद का भले ही अंग हों, लेकिन बलिया में यह बात मानने को कुछ खंड शिक्षा अधिकारी तथा डीसी तैयार नहीं है। शायद यही कारण है कि फरवरी 2021 शुरू होने के बाद भी नगर क्षेत्र, बांसडीह, चिलकहर, नवानगर, पंदह, रसड़ा, रेवती व सोहांव के खंड शिक्षा अधिककारी शिक्षामित्रों का मानदेय बिल दिसम्बर 2020 का भी उपलब्ध नहीं करा सकें है। शासन व बीएसए के स्पष्ट आदेश के बावजूद मानदेय बिल समय से न देना, खंड शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही का द्योतक है। 


उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिला प्रभारी पंकज सिंह ने कहा कि पिछले तीन माह से शिक्षामित्रों का मानदेय बजट के अभाव में रूका है। 10 हजार रुपये मानदेय के भरोसे परिवार की परवरिश कर रहे शिक्षामित्रों के साथ कुछ खंड शिक्षा अधिकारी भी भेदभाव कर रहे है, जिससे शिक्षा मित्र परेशान है। इधर, शासन से बजट उपलब्ध होने के बाद भी खंड शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही से मानदेय फंसा है। पंकज ने कहा कि डीसी भी शिक्षामित्रों के मानदेय भुगतान को लेकर दिलचस्पी नहीं ले रहे है, अन्यथा मानदेय बिल की वजह से भुगतान नहीं फंसता। कहा कि यदि तीन दिन में मानेदय भुगतान नहीं हुआ तो शिक्षामित्र विवश होकर बीएसए कार्यालय में धरना-प्रदर्शन को बाध्य होंगे। 

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