यक्ष प्रश्न : बलिया में आखिर कैसे स्वच्छ होगी गंगा


बैरिया, बलिया। समस्त पापों से मुक्त करने वाली गंगा को स्वच्छ बनाकर निर्मला नाम को चरितार्थ करने के प्रयास में सरकार ने भले ही हजारों करोड़ रुपए खर्च कर दिए हो, किंतु लोगों में गंगा को स्वच्छ रखने के प्रति थोड़ी भी जागरूकता नहीं है। बार-बार प्रचार प्रसार व सरकारी विज्ञापनों की भरमार के बावजूद भी लोग गंगा तटों पर ना तो शव जलाने से परहेज कर रहे हैं, नहीं गंदगी फैलाने से। फलस्वरूप शहरों के स्नान घाटों को छोड़ दिया जाए तो गंगा तटों पर गंदगी का ही अंबार देखने को मिल रहा है। क्षेत्र के गंगा तट पचरुखिया, गंगा तट शिवपुर, गंगा तट सतीघाट बहुआरा, दुबे छपरा सहित अधिकांश गंगा तटों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। पॉलिथीन व अन्य प्रदूषण फैलाने वाली सामग्रियां पूरे घाट पर फैली हुई है। ना तो उसकी सफाई ग्राम पंचायत करवा रही है, नहीं क्षेत्र पंचायत। ऐसे में जिला प्रशासन भी गंगा तटों की साफ-सफाई पर गंभीर नहीं दिख रहा है। 


गौरतलब है कि बिजनौर से बलिया तक गंगा को स्वच्छ रखने की जागरूकता के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 138 स्थानों पर गंगा आरती के लिए चबूतरा बनवाने का फरमान जारी किया हैं। किंतु गंगा आरती व चबूतरे से काम नहीं चलेगा। जब तक लोगों को गंदगी न फैलाने के लिए जागरूक न किया जाए और गंगा तट पर गंदगी फैलाना दंडनीय अपराध घोषित किया जाए। तब तक किसी भी कीमत पर गंदगी पर रोकथाम संभव नहीं है। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान गंगा तट पचरुखिया, दुबे छपरा, बहुआरा, शिवपुर की तरफ अपेक्षित करते हुए गंगा तटों पर गंदगी की रोकथाम के लिए जरूरी कार्रवाई की गुहार लगाई गई है।

शिवदयाल पांडेय 'मनन'

Post a Comment

0 Comments