बलिया : इन मांगों के समर्थन में सपा ने रोकी एनएच-31 की रफ्तार, निशाने पर रहे विधायक और...


बैरिया, बलिया। तीन सूत्रीय मांगों को लेकर सपा नेता मनोज सिंह मंगलवार को समर्थकों के साथ सोनबरसा चौराहा के पास एनएच 31 को जाम कर दिया। जाम स्थल के पूरब और पश्चिम वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे लोगों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। पुलिस मौके पर मौजूद थी। पुलिस के सामने ही सपा कार्यकर्ताओं ने विधायक सुरेंद्र सिंह व जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। 
सपा नेताओं ने एनएच-31 के पुनर्निर्माण में मानक का अनुपालन नहीं करने तथा काफी धीमी गति से कार्य करने पर एनएचआई व संबंधित ठेकेदार की जमकर बखिया उधेड़ा। वही, 24 जनवरी को सड़क दुर्घटना में मृत सुनील कुमार पुत्र भूलन माली के परिजनों को एसडीएम के आश्वासन के बाद भी मुआवजा नहीं देने व बालक बाबा सेतु का एप्रोच मार्ग नहीं बनाए जाने पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि सुरेमनपुर के पास बालक बाबा सेतु का एप्रोच मार्ग सरकार द्वेषता से नहीं बनवा रही है। भ्रष्टाचार में लिप्त तहसील प्रशासन जानबूझकर भूलन माली को मुआवजा नहीं उपलब्ध करा रहा है। मैंने कई बार इस संदर्भ में अल्टीमेटम दिया, जब कार्यवाही नहीं हुई तो मजबूरन चक्का जाम और आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ा। मनोज सिंह ने बैरिया एसएचओ पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि दुर्घटना के दिन एसएचओ ने चालक की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए चालक का नाम भी बताया था, जो सभी समाचार पत्रों में छपा भी था। बाद में लेनदेन कर चालक का नाम ही मुकदमे में से हटा दिया गया। ऐसा भ्रष्टाचार यहां चल रहा है। लगभग 4 घंटे तक चक्का जाम के बाद मौके पर पहुंचे एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर वाईपी सिंह ने लिखित आश्वासन दिया कि जून तक बैरिया से माझी तक का रास्ता बना दिया जाएगा। वही बैरिया से गाजीपुर तक का काम पूरा कराने में एक वर्ष लगेंगे। वहीं, तहसीलदार शिवसागर दुबे ने लिखित आश्वासन दिया कि डीएम को लिख रहा हूं। जितना जल्दी हो सके पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलवाया जाएगा। वही बालक बाबा सेतु के एप्रोच मार्ग के संदर्भ में भी जिलाधिकारी आग्रह करूंगा कि तत्काल एप्रोच मार्ग का निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाए। अगर बिना कार्य कराए भुगतान कराया गया है तो उसकी भी जांच होगी। इसके बाद चक्काजाम समाप्त हो गया। सपा जिलाध्यक्ष राज मंगल यादव, पूर्व विधायक सुभाष यादव, साजन कनौजिया, विनय अंचल, रामेश्वर पासवान, अजय सिंह, विजय कांत सिंह, पिंटू उपाध्याय, अनूप वर्मा, राजकुमार रजक, मनोज यादव, अवनीश सिंह, गौतम यादव, निक्कू भाई, रोशन, उदयसिंह, राज प्रताप यादव, धर्मेंद्र सैनी, सर्वजीत कनौजिया, रविराज, सुनील कुमार व दीपक सैनी शामिल थे।

काफी परेशान रहे ये लोग
कोलकाता से अपने पिता की अंत्येष्टि कर  घर सुभवल बस से जाने वाले दिनेश मिश्रा का पूरा परिवार घंटों जाम में फंसा रहा। क्योंकि चक्का जाम के कारण उनकी बस को आगे नहीं बढ़ने दिया गया। उनके साथ घर की महिलाएं और बच्चे भी थे। उन्होंने बताया कि 3 दिनों से हम लोग मुंह में पानी भी नहीं डाले हैं। घर जाकर श्राद्ध कर्म शुरू होगा, तभी मुंह में पानी डाला जाएगा। वही कोलकाता नहीं अपने भाई की अंत्येष्टि कर श्राद्ध करने के लिए अपने गांव मिड्ढ़ा जा रहे शिवकुमार खरवार भी घंटों जाम में फंसे रहे। इसके अलावा कोलकाता से बस में आने वाले दर्जनों यात्रियों के साथ महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे, जो भूख प्यास से बिल बिलाते रहे। कोई उनकी मदद में हाथ नहीं बढ़ाया।


शिवदयाल पांडेय 'मनन'

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