इनोवेशन में पीछे रह गया यूपी, सालभर में खिसका दो पायदान


नीति आयोग ने जारी की इंडिया इनोवेशन इंडेक्स 2020 की रिपोर्ट, 17 बड़े राज्यों की कैटेगरी में था यूपी

लखनऊ। केंद्र सरकार नवाचार, यानि इनोवेशन को प्रोत्साहित कर रही है, लेकिन भाजपा शासित देश का सबसे बड़ा राज्य सालभर में दो पायदान नीचे खिसक गया है। वहीं, राज्य का जीएसडीपी (ग्रॉस स्टेट डॉमेस्टिक प्रोडक्ट) करीब 44 हजार रुपये हैं। यह आंकड़ा इंडिया इनोवेशन इंडेक्स 2020 का है, जो पिछले हफ्ते नीति आयोग ने जारी किया है। एक तरफ देश में इनोवेशन को लेकर अभियान चल रहा है, तो यूपी साल भर में दो पायदान नीचे खिसक गया है।
वर्ष 2019 की रिपोर्ट में सातवें स्थान पर था, तो 2020 में 22.85 स्कोर के साथ नौवें स्थान पर पहुंच गया। कर्नाटक लगातार दूसरे साल पहले स्थान पर बना हुआ है। गुजरात 23.63 स्कोर के साथ आठवें, पश्चिम बंगाल 21.69 के साथ 11वें व झारखंड 17.12 के साथ 15वें स्थान पर है।
दरअसल, सर्वे के लिए 36 राज्यों को तीन कैटेगरी में बांटा गया था. इनोवेशन इंडेक्स तैयार करने के लिए सात क्षेत्र में 36 इंडीकेटर तय था। इनमें राज्य स्तर पर हुए इनोवेटिव वर्क्स का अलग-अलग स्कोर तैयार किया गया। मानव संपदा में पीएचडी में नामांकन, इंजीनियरिंग व टेक्नोलॉजी कॉलेज में नामांकन, छात्र और शिक्षक का अनुपात के साथ ही उच्च शिक्षा के लिए इंवेस्टमेंट को शामिल किया गया। इसके अलावा नॉलेज वर्कर्स, बिजनेस इनवॉयरमेंट, सेफ्टी एंड लीगल इंनवॉयरमेंट का डाटा भी अलग-अलग स्रोतों से लिया गया है।
बता दें कि इनोवेशन इंडेक्स 2020 में नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों और उनके सापेक्ष प्रदर्शन के आधार पर राज्यों को स्कोर दिया गया है। इसका मकसद इनोवेशन के क्षेत्र में राज्यों की ताकत और कमजोरियों का पता लगाकर मजबूती लाने के लिए प्रेरित करना है। तीन अलग-अलग कैटेगरी में राज्यों को रखा गया। 17 प्रमुख राज्यों में यूपी शामिल था। इसके अलावा 10 पूर्वोत्तर व पहाड़ी राज्यों को दूसरी और नौ शहरी व केंद्र शासित प्रदेशों की तीसरी कैटेगरी थी।

धनंजय पांडेय 'धनजी'

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