बलिया की बुशरा को सात समंदर पार से साबित ने किया कबूल


बलिया। सच है कि हर चीज का वक्त ऊपर वाले ने मुकर्रर किया है। इस बात की तस्दीक की बलिया के दो परिवारों ने। निकाह की तय तारीख पर दुल्हा अपने वतन नहीं लौट पाया तो दोनों परिवारों ने राजी खुशी ऑनलाइन निकाह कराकर समाज के सामने मिशाल पेश की। जोडे़ ने जीवन भर साथ रहने की रजामंदी ऑनलाइन दे दी। यह अनोखा निकाह उत्तर प्रदेश के बलिया में हुआ। इसमें घराती, बाराती और दुल्हन तो शामिल हुए, जिसमें आनलाइन जुडे़ दुल्हे ने ऑनलाइन ही निकाह कबूल किया। 
सऊदी अरब के जेद्दाह में अपनी फर्म चलाने वाले बलिया के उमरगंज निवासी मोहम्मद साबित कमर पुत्र कमरूद्दीन का निकाह सुखपुरा निवासी बुशरा खातून पुत्री मौलाना खुर्शीद से पिछले साल ही तय हुई थी। 18 जनवरी को निकाह की तारीख तय थी, लेकिन कोरोना आपदा के कारण मोहम्मद साबित के जरूरी कागजात वक्त से तैयार नहीं हो पाये, जिस कारण 15 को भारत आने वाली फ्लाइट छोड़नी पडी़। नतीजतन दोनों परिवारों में अफरातफरी का माहौल बन गया।मेहमानों को निकाह और दावत ए वलिमा का न्यौता बंट चुका था। सारी तैयारियां भी हो चुकी थी। तय तारीख पर शादी में अड़चन देखकर लड़की के परिवार वालों के होश उड़ने लगे। लेकिन लड़के के परिवार ने हालात के हिसाब से दरियादिली दिखाई और दोनों परिवारों की सहमति से तय तारीख को ही निकाह हुआ। 18 जनवरी को ही बारात सुखपुरा पहुंची। इस्लामिक शरीयत के हिसाब से मुफ्ती अलाउद्दीन साहब मिस्बाही की मौजूदगी में उमरगंज के इमाम फुर्रकान अहमद मिस्बाही ने निकाह पढा़या। ऑनलाइन निकाह में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की पूरी व्यवस्था की गई थी।  सऊदी अरब से बड़ी स्क्रीन पर दिख रहे मोहम्मद साबित कमर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये 3 बार निकाह कबूल है, कबूल है, कबूल है कहकर बुशरा खातून से ऑनलाइन निकाह किया। दुल्हन विदा होकर ससुराल भी आयी और 19 को दुल्हे के घर आयोजित दावत ए वलिमा में शरीक हुई। दोनों परिवारों के ऑनलाइन निकाह के फैसले की चर्चा हर तरफ है। सबने इस फैसले की तारीफ की और अब दोनों परिवारों को इन्तजार है मोहम्मद साबित के घर वापसी का। तब इस निकाह की खुशियां चौगुनी होकर मुक्कमल हो जायेंगी। 

कमल राय

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