शिक्षकों की क्लास में बलिया डीएम, सीडीओ और बीएसए ने पढ़ाया यह पाठ


भोला प्रसाद
बलिया। जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही 'मास्टर ट्रेनर' के रूप में नजर आये। बीएसए कार्यालय परिसर में जनपद के English Medium परिषदीय शिक्षकों की उन्नमुखीकरण कार्यशाला में 'भाषा' का पाठ डीएम ने पढ़ाया और समझाया। कहा कि बच्चों को पूर्ण बनाने के लिए शिक्षा जरूरी है, लेकिन इसका जरिया भाषा है।प्रारंभिक से उच्च शिक्षा तक भाषा का महत्व स्पष्ट है। शिक्षा किताबी हो या व्यवहारिक, भाषा द्वारा ही प्राप्त की जा सकती है। मानव का विकास भाषा पर निर्भर है, जो आजीवन साथ चलता है। 
जब बच्चे सुनकर समझने लगे और परिस्थिति के अनुसार सुगम व सरल प्रवाह में उसका प्रयोग करने लगे, तभी हम अंग्रेज़ी माध्यम विद्यालय की संकल्पना को साकार कर सकते है। अंग्रेजी को शुद्ध तथा सरल वाक्यों में व्यक्त करना, बच्चों की आदत में शुमार होना चाहिए। अंग्रेजी भाषा छात्र समझ सकें, इसके लिए उन्हें आवश्यक शब्दावली तथा वाक्य प्रयोग का ज्ञान देना होगा। जिलाधिकारी ने शिक्षकों से बालमन को समझने, परखने और उस दिशा में कार्य करने की न सिर्फ बात कही, बल्कि भाषा को बच्चों की आदतों से जोड़कर विकसित करने पर भी जोर दिया। 




भाषा के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों के निकट पहुंचे शिक्षक : सीडीओ 
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. विपिन जैन ने शिक्षकों से आधार मजबूत करने व भाषा के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों के निकट पहुंचने की अपील की। कहा कि हमें बच्चों की भाषा के महत्व को समझाना होगा। फिर अपनी परंपरा का वास्तविक चित्र उन्हें दिखाना होगा। यदि हम यह कोशिश जारी रखें तो निश्चित ही अपने मिशन में कामयाब होंगे। 



वर्तमान परिवेश में अंग्रेजी भाषा का महत्व सर्वाधिक : बीएसए
इससे पहले English Medium परिषदीय स्कूल के शिक्षकों की एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ बीएसए शिवनारायण सिंह ने अंग्रेजी भाषा की महत्ता और प्राथमिकता पर प्रकाश डालते हुए किया। कहा कि मानव समाज के साथ ही भाषा का विकास होता आया है। भाषा को सामान्यत: वैचारिक आदान-प्रदान का माध्यम भी कहा जा सकता है। समाज के निर्माण, अस्मिता, विकास, सामाजिक व सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण साधन भाषा ही है। वर्तमान परिवेश में अंग्रेजी भाषा के महत्व को कोई नकार नहीं सकता है। आज-कल इंग्लिश भाषा कॉमन हो चुकी है। बीएसए ने शिक्षकों से बच्चों को बेसिक ग्रामर, बोलचाल में प्रयुक्त व्याकरण से लेकर शब्दावली, समूह चर्चा, उच्चारण एवं साक्षात्कार कौशल की शिक्षा देने की बात कही। इस कार्यशाला में शिक्षा क्षेत्र रसड़ा, नवानगर, पंदह, नगरा, चिलकहर एवं सीयर के अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। 

अंगेजी माध्यम विद्यालयों के प्रति बढ़ रहा आकर्षण 
कार्यशाला में प्राथमिक विद्यालय देवकली एवं प्राथमिक विद्यालय वैना की पूनम सिंह तथा सरवत अफ़रोज़ द्वारा अंगेजी माध्यम विद्यालयों के प्रति बढ़ रहे आकर्षण तथा नामांकन के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम को संयुक्त रूप से SRG संतोष चंद्र तिवारी, चित्रलेखा सिंह तथा ARP शशिभूषण मिश्र द्वारा संचालित किया गया। कार्यशाला में जिला समन्वयक नुरुल हुदा, खंड शिक्षा अधिकारी ओम प्रकाश दुबे, अब्दुल अव्वल, संजीव ठाकुर आदि शामिल रहे। जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) प्रवीण कुमार यादव ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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