बलिया : पांच साल बाद मिला नाबालिग लड़की को न्याय, दोषी को मिली उम्रकैद की सजा

 


बलिया। नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय ने सजा सुनायी है।
मामला 21 अक्टूबर 2015 का है। वादी ने अपनी नाबालिग पुत्री का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप विसर्जन उर्फ छोटक पासवान पुत्र जिउत पासवान (निवासी बकवा, थाना बांसडीह) पर लगाते हुए तहरीर दिया था।बांसडीह पुलिस ने धारा 363, 366, 376 भादवि व 3/4 पाक्सो एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया। उक्त प्रकरण में विवेचक, मानिट्रिंग/पाक्सो सेल तथा संयुक्त निदेशक  सुरेश पाठक, लोक अभियोजक राकेश कुमार पाण्डेय, कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी चंदन कुमार व महिला आरक्षी चन्द्रकला मिश्रा ने प्रभावी कार्रवाई जारी रखी। मामले में बुधवार को न्यायधीश शिव कुमार द्वितीय (अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्या. पाक्सो एक्ट-8) की अदालत में सुनवाई हुई।न्यायालय ने नामजद अभियुक्त विसर्जन उर्फ छोटक पासवान के खिलाफ सजा सुनायी।
न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 363 भादवि में 07 वर्ष का सश्रम कारावास व 5,000/-रुपये अर्थदण्ड, अर्थदण्ड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास व 366 भादवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 10,000/- रुपये का अर्थदण्ड, अर्थदण्ड अदा न करने पर दो वर्ष का अतिरिक्त सश्रम करावास, 376 भादवि में आजीवन कारावास व 20,000/-रु के अर्थदण्ड से तथा 3/4 पाक्सो एक्ट में आजीवन कारावास व 20,000/-रु के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।

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