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'अंग्रेजी' के प्रति बलिया के शिक्षकों में दिखा उत्साह, कार्यशाला में छनकर सामने आयी ये बात


बलिया। बीएसए कार्यालय परिसर में आयोजित अंग्रेजी माध्यम परिषदीय स्कूलों की उन्नमुखीकरण कार्यशाला में 'अंग्रेजी भाषा' के प्रति शिक्षकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। द्वितीय दिवस की कार्यशाला में शामिल सोहांव, हनुमानगंज, बेरुआरबारी, दुबहर, बांसडीह व रेवती शिक्षा क्षेत्र के शिक्षकों ने न सिर्फ प्रतिभाग किया, बल्कि अपने-अपने नवाचारी अनुभवों को शेयर भी किया। कहा कि बालक जीवन के प्रारंभ में जो कुछ भी सुनता है, उसी से भाषा सीखता है। यह भी निश्चित है कि प्राथमिक स्तर पर अंग्रेजी भाषा शिक्षण अधिगम द्वितीय भाषा के रूप में किया जाता है।


अंग्रेजी भाषा शिक्षा की महत्ता व गुणवत्ता पर प्रकाश डालते हुए एसआरजी चित्रलेखा सिंह ने बच्चों के अंदर रुचि जागृत करने की बात कही। बताया कि अंग्रेजी कक्षा के प्रथम दिवस से ही छात्रों को अंग्रेजी सुनने का अवसर प्रदान करें। भाषा में प्रयोग किए जाने वाले निश्चित सूत्रों तथा निर्देशों को दिन प्रतिदिन कक्षा में उचित संकेतों के साथ दुहरायें। एसआरजी संतोष चंद्र तिवारी ने  कहा कि छात्रों के वातावरण में उनके द्वारा देखी तथा प्रयोग की जाने वाली वस्तुओं की ओर इंगित करें। उनके लिए उन्हें अंग्रेजी के शब्द दें। अध्यापक अजय सिंह ने छात्रों की पाठ में रुचि जागृत करने के लिए चित्रों, फ़्लैश कार्ड्स इत्यादि का प्रयोग करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम को संचालित कर रहे एआरपी डॉ. शशि भूषण मिश्र ने भाषा विकास में निरंतरता लाने के लिए अधिकाधिक अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग किए जाने की आवश्यकता बताई। कार्यशाला में पूनम सिंह, सरवत अफरोज, राम नारायण यादव, संजीव मौर्या, धर्मेंद्र ओझा, गिरीश मिश्र, विराट कुंवर, सीमा यादव, प्रीति गुप्ता, अनिल कुमार, लाल बहादुर राय, चंदन सिंह आदि ने अपना सुझाव व्यक्त किया।

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