बलिया : नव वर्ष का नव विहान है, स्वागत में जग उमड़ा है'


बलिया। साहित्य चेतना समाज बलिया इकाई के तत्वाधान में त्रैमासिक गोष्ठी  के बैनर तले नव वर्ष पर रामपुर स्थित कुंवर सिंह इंटर कॉलेज में जनपद के कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं  व संवादों से नववर्ष के आगमन का सहर्ष स्वागत किया। 
राधिका तिवारी ने सरस्वती वंदना से गोष्ठी  की शुरुआत की। कालेज के प्रवक्ता व शायर डॉ शशि प्रेम देव ने 'कल शाम घर बुलाकर, मीठे गुलाब जामुन खुश कर दिया खिला के  उसने गुलाब जामुन' सुनाकर उपस्थित श्रोताओं में हंसी व उत्साह का संचार किया। नव वर्ष के स्वागत में कोरोना वायरस से परे हर्षित उल्लास भरते हुए कार्यक्रम के संयोजक व संचालक डॉ नवचंद्र तिवारी ने 'नववर्ष का नव विहान है, स्वागत में जग उमड़ा है, उम्मीदों का भाव लिए, पुलकित जन-जन मुखड़ा है' सुना कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिक्षिका व शायरा डॉ  कादंबिनी सिंह ने गोष्ठी में प्रेमरस को घोलते 'वो खुद को अब भी तेरे इश्क का मारा बताता है, कभी जीता बताता है कभी हारा बताता है, गाकर वाहवाही लूटी। राधिका तिवारी के गीत 'नए साल में नई किरण का हमको स्वागत करना है' ने लोगों को झूमने पर विवश किया तो शंकर शरण के ग़ज़ल ने तालियां बटोरी। डॉ. फतेहचंद बेचैन ने 'मजलूमों में संग हे प्रभो, सबकी झोली भर दो' सुनायी। शिवजी पांडे रसराज जी के गीतों ने लोगों पर जैसे जादू कर दिया हो। कन्हैया पांडे की कविताओं ने हर किसी को भाव विभोर कर दिया। अध्यक्षता करते हुए डॉ गणेश पाठक ने नया वर्ष शुभ हो इसके आव्हान पर अपने विचार रखे ।पत्रकार अशोक जी ने भी गो गोष्टी की प्रासंगिकता पर अपने विचार रखें। शोध छात्रा मीनाक्षी ने भी अपनी दमदार प्रस्तुति दी। इस अवसर पर अन्य कवियों ने भी अपनी कविता से गोष्ठी को रस्वादन कराया। कार्यक्रम में शाद बहराइची, शिवकुमार कौशिकेय, संजय सिंह, शिवम तिवारी,  दिग्विजय सिंह, विजय बहादुर सिंह,  बरमेश्वर तिवारी, अजय कुमार, रंजीत कुमार, नागेंद्र सिंह आदि मौजूद थे। अध्यक्षता डॉ गणेश पाठक ने की। संचालन डॉ नवचंद्र तिवारी ने किया। हीरा लाल हीरा ने सब का आभार व्यक्त किया।

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