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बलिया : मतदाता सूची में ऐसी-ऐसी है गड़बड़ी, जिसे सुन दंग रह जायेंगे आप


शिवदयाल पांडेय 'मनन'
बैरिया, बलिया। आसन्न त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर जहां मतदाता सूची में नए मतदाता को जोड़ने, मृतकों के नाम काटने, नाम में अशुद्धियों को दूर करने का कार्यक्रम चल रहा है, वहीं दावा और आपत्ति की तिथि घोषित की गई है। पहले ही दिन सोमवार को अजीबो-गरीब आपत्तियां पड़ी। 
बैरिया तहसील क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा तीन तरफ से बिहार की सीमा से सटा हुआ है। गांव-गांव से आने वाली आपत्तियों में हजारों की संख्या में ऐसे मतदाता हैं, जो  उत्तर प्रदेश में भी हैं और बिहार के मतदाता सूची में भी उनका नाम दर्ज है। यही नहीं आस-पास की ग्राम पंचायतों में सैकड़ों की संख्या में प्रकाशित प्रथम मतदाता सूची में  कई नाम ऐसे मिल रहे हैं, जिनका नाम अगल-बगल के दोनों ग्राम पंचायतों में है। तहसील के निर्वाचन कार्यालय में लगातार आ रही शिकायतों में सैकड़ों इस तरह की शिकायतें है।
बानगी स्वरूप गोपाल नगर के परमेश्वर पुत्र तुलसी ने आपत्ति दर्ज कराई है कि उनके ग्राम पंचायत में वार्ड नंबर 2 में क्रमांक नंबर 584 पर त्रिलोकी का नाम दर्ज है। वहीं बिहार के माझी विधानसभा के मतदाता सूची में ग्राम पंचायत डुमाई गढ़ में क्रमांक 332 पर इनका नाम दर्ज है। इसी प्रकार गोपाल नगर के क्रमांक 474 पर भीम का नाम माझी के मतदाता सूची में 330 क्रमांक पर दर्ज है। इस तरह से इस ग्राम पंचायत में 165 की संख्या में गोपाल नगर ग्राम पंचायत के मतदाता सूची में ऐसे लोगों का नाम दर्ज है, जिनका नाम बिहार के माझी विधानसभा के मतदाता सूची में दर्ज है। मजे की बात तो यह है कि इन 165 लोगों का गोपाल नगर ग्राम पंचायत में घर मौजूद नहीं है ना ही यह लोग यहां पर निवास करते हैं। शिकायतकर्ता ने बताया है कि इन लोगो का दो दशक पहले घाघरा की कटान में इन लोगों का घर समाहित हो गया और यह लोग बिहार के माझी विधानसभा क्षेत्र में डुमाई गढ़ व फुलवरिया में जाकर विस्थापित हो गए हैं। इसी तरह से इब्राहिमाबाद उपरवार, रामपुर कोड़रहा, खवासपुर, चांददियर आदि ग्राम पंचायतों में बिहार के मूल निवासियों का नाम यहां के मतदाता सूची में दर्ज है।

ऐसी भी चर्चा
निवार्चन आयोग का निर्देश है कि भारत के किसी भी स्थान पर मतदाता सूची में सिर्फ एक ही जगह नाम रहेगा, इसका उल्लंघन करने पर विधिक कार्रवाई भी हो सकती है। ऐसे में इस नियम की ऐसी तैसी होती दिख रही है। बैरिया तहसील क्षेत्र में पंचायत चुनाव में शुरुआत से ही विवादों की संभावना बढ़ गई है। निवार्चन आयोग की नीति बैरिया तहसील के बिहार सीमावर्ती ग्राम पचांयतों की मतदाता सूची के लिए स्पष्ट नहीं हो रही है।

सभी मामलों का होगा समाधान
इस प्रकरण पर उपजिलाधिकारी बैरिया प्रशांत कुमार नायक से पूछे जाने पर बताया कि हमारे तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सारे मामलों का समाधान कर लिया जाएगा। लेकिन जिन लोगों का बिहार के मतदाता सूची में नाम है, उनमें हम कुछ नहीं कर पाएंगे अगर यहां के मूल निवासी हैं तो मतदाता सूची में उनका नाम यहां भी रहेगा।

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