यूपी में अब आधार आधारित होगी छात्रों की उपस्थिति, मिलेगा यह लाभ

 


-यूपी बोर्ड के छात्र-छात्राओं की बल्ले-बल्ले, छत्रवृति में मिलेगी वरीयता
-सरकार ने समाज कल्याण विभाग को भेजा निर्देश

अजित पाठक
बलिया। निरक्षर माता-पिता की संतानों को केंद्र सरकार एक और तोहफा देने जा रही है। उनकी शिक्षा-दीक्षा में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने  स्कॉलरशिप योजना में प्रथम प्राथमिकता देने का निर्देश जारी किया है। समाज कल्याण विभाग को भेजी गई नई गाइड लाइन के अनुसार स्कॉलरशिप योजना में अब ऐसे छात्रों को वरीयता दी जाएगी जिनके माता- पिता दोनों या कोई एक निरक्षर होगा। 
यही नहीं समाज कल्याण विभाग की ओर से गरीब छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति में यूपी बोर्ड के छात्रों को विशेष वरीयता दी जाएगी। यानी उपलब्ध बजट में सबसे पहले यूपी बोर्ड के छात्रों को छत्रवृति दी जाएगी उसके बाद सीबीएसई व आइसीएससी बोर्ड के छात्रों को योजना का लाभ दिया जाएगा।  
यही नहीं केंद्र सरकार ने इस योजना में अपना अंशदान भी बढ़ा दिया है। नई व्यवस्था के अनुसार अब स्कॉलरशिप योजना में केंद्र का हिस्सा 60 प्रतिशत होगा जबकि बाकी 40 प्रतिशत राज्य को देना होगा। इसके पहले छात्रवृत्ति योजना में प्रदेश सरकार को ज्यादा खर्च करना पड़ता था।
 
खाता का आधार से लिंक होना जरूरी

केंद्र सरकार ने नई गाइड लाइन में स्पष्ट किया  है कि छात्रवृति का भुगतान सिर्फ उन्हीं खातों में किया जायेग जो आधार कार्ड से लिंक होंगे। किसी भी ऐसे विद्यार्थी के खाते में रकम नहीं भेजी जाएगी जिसका खाता आधार से नहीं जुड़ा होगा। इसके इतर छात्र-छात्राओं की उपस्थिति भी आधार आधारित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

फर्जीफिकेशन पर रोक के लिए किये अहम बदलाव

फर्जी शिक्षण संस्थान छात्रवृत्ति योजना का लाभ न ले पाएं,  इसके लिए भी नियमों में कई अहम बदलाव किए गए हैं। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से कदम उठाने पर बल दिया गया है। फर्जी संस्थाओं को छात्रवृत्ति योजना से बाहर करने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2025-26 से सभी शिक्षण संस्थानों के लिए नैक व एनबीए की ग्रेडिंग जरूरी कर दी है। ग्रेडिंग न होने पर इन संस्थाओं के  छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति नहीं दी जाएगी।

केंद्र सरकार की नई गाइड लाइन मिल चुकी है। इसमें धोखाधड़ी करने वाले स्कूल-कालेजों पर रोक लगाने का स्पष्ट निर्देश है। साथ ही शासकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को इससे लाभ मिलेगा।
अभय कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी

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