बलिया : जिला कृषि अधिकारी ने यूरिया की उपलब्धता पर कहींं ये बात


बलिया। यूरिया और डीएपी को लेकर अक्सर किसान परेशान रहते हैं। कई बार किसानों को यूरिया के लिए काफी दिक्कत भी झेलनी पड़ती है। यही नहीं खाद की कमी से कभी कभी हड़कम्प की स्थिति भी बन जाती है, पर इस बार यूरिया के लिए किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। वजह की जिले में वर्तमान आवश्यकता के मुकाबले लगभग दो गुनी यूरिया सहित अन्य उर्वरक उपलब्ध है। कृषि विभाग ने यूरिया-डीएपी की किल्लत को दूर करने के लिए इसका पर्याप्त भंडार करा रखा है। वहीं इसके अवैध भंडारण पर रोक लगाने के लिए निगरानी भी की जा रही है। साथ ही जरूरत के मुताबिक ही यूरिया खरीदने की अपील किसानो से की जा रही है। जिला कृषि अधिकारी विकेश कुमार पटेल ने बताया कि एक हेक्टेयर रकबे में पांच बोरी यूरिया का उपयोग बेहतर होता है। इससे फसल की गुणवत्ता अप्रभावित रहती है। अधिक मात्रा में यूरिया का उपयोग करने से फसल की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ता है। यही नही इससे  किसानों पर आर्थिक बोझ भी पड़ता है। जबकि मानक के अनुरूप  उर्वरक का प्रयोग करने से  जहाँ मिट्टी की उर्वरता प्रभावित नहीं होतीहै वहीं ज्यादा यूरिया का प्रयोग उत्पादन में वृद्धि नही कर पाता। लिहाजा किसान भाई आवश्यकता से अधिक यूरिया का उपयोग न करें।  जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है  वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में भंडारण मौजूद है बताया कि जनपद में खाद कहीं कोई किल्लत नहीं है। सभी केन्द्रों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक की व्यवस्था की गई है। किसानों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। जबकि जनवरी के प्रथम सप्ताह में  इफको यूरिया की एक अतिरिक्त रेक भी आ जायेगी। जबकि पीसीएफ के बफर गोदाम में 4400 एमटी यूरिया आरक्षित रखी गयी है। जिसका उपयोग आकस्मिक स्थिति में किया जाएगा।

जिले की वर्तमान स्थिति
 उर्वरक       आवश्यकता      उपलब्धता   
  यूरिया         16219        38400 एमटी
 डीएपी         16385        31122 एमटी
एमओपी       1096           3537 एमटी
एनपीके          1934         2343 एमटी

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