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बलिया : बाल-विवाह पर न्याय पीठ बाल कल्याण समिति ने जनमानस से की यह अपील


बैरिया, बलिया। न्याय पीठ बाल कल्याण समिति के न्यायिक सदस्य राजू सिंह ने जनमानस से अपील की है कि बाल विवाह ना करें-ना ही कराएं। ना ही बालिकाओं का शोषण और उत्पीड़न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की विभिन्न धाराओं के अनुसार व्यक्ति के नाबालिक से विवाह करने पर अधिनियम की धारा 9 के तहत 2 वर्ष का कारावास एवं एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। 

इसी अधिनियम की धारा 10 के तहत बाल विवाह के लिए प्रेरित करना विवाह का संचालन करना संपन्न कराने में सहयोग करना भी दंडनीय अपराध माना जाएगा।इसके लिए भी दो वर्ष का कारावास और एक लाख रुपये दंड का प्रावधान है। पकड़ी थाना अंतर्गत गांव रक्सा में 22 जून 2020 व बासडीह रोड थाना अंतर्गत टकरसन अन्ना नगर में 30 जून 2020 को न्याय पीठ के निर्देश पर पुलिस, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्डलाइन, महिला शक्ति केंद्र की टीम ने बाल विवाह को काउंसलिंग करके रोका था।बाल विवाह की सूचना चाइल्ड लाइन के टोल फ्री नंबर 1098 बाल कल्याण समिति को अवश्य दें।

शिव दयाल पांडेय 'मनन'

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