बलिया : बरनवाल समाज के आंगन में 'चंदा चमके, छम छम छम...' पर थिरके बच्चें


बिल्थरारोड, बलिया। बरनवाल सेवा समिति के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद बरनवाल ने कहा कि महाराजा अहिवरन जी की सच्ची जयन्ती तब ही साबित होगी, जब उनके बताये मागों का हम अनुसरण करके चले।अपने समाज को एक सूत्र में जोड़ने के लिए हमारे आदि पुरुष ने हमेशा काम किया था।
जिलाध्यक्ष बरनवाल बिल्थरारोड नगर के बरनवाल वैश्य अतिथि भवन में शनिवार की शाम बरनवाल सेवा समिति बिल्थरारोड के बैनर तले आयोजित बरनवाल समाज के अदि पुरुष महाराजा अहिबरन जसन्ती समारोह के मौके पर बोल रहे थे। कहा कि हम सभी एकता की मिशाल है। अल्प संख्या में होने के बाद भी हमारे समाज के लोगों ने बिल्थरारोड में सार्वजनिक रुप से बरनवाल वैश्य अतिथि भवन का एक तलीय निर्माण कराया। इस अतिथि भवन की ऊपरी मंजिल का नव निर्माण पूर्ण कराने का सभी को संकल्प दिलाते हुए अपनी तरफ से 25 हजार रुपये का आर्थिक सहयोग देने की घोषणा किया। कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों न अपने नृत्य व गायन से मन मोह लिया। रिया, कली, सिया, परी, अंश, अदिति, विकास, रानी, अर्श आदि ने कविता तथा 'चंदा चमके, छम छम छम नाचू मैं आज' जैसे गीतों पर अपनी नृत्यकला प्रस्तुत किया। 


मद्धेशिया वैश्य समाज से पधारे देवेन्द्र कुमार गुप्त एडवोकेट ने आदि पुरुष के आदर्शो को जीवन में उतारने की प्रेरणा देते हुए वैश्य समाज की एकता पर बल दिया। कहा हमे आपसी भेदभाव को भुलाकर अपने समाज का नाम रोशन करना चाहिए। समारोह की शुरुआत महारजा अहिवरन जी के चित्र पर माल्यार्पण व पूजन के बाद प्ररम्भ किया गया। समाज के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। इस मौके पर योगेश्वर बर्नवाल, जयप्रकाश बर्नवाल पत्रकार, ध्रुवप्रकाश बर्नवाल, कोषाध्यक्ष संजय बरनवाल, ब्यवस्थापक रामविलाश बर्नवाल, सुरेश बर्नवाल, गोपाल जी बर्नवाल, राजेश कुमार बर्नवाल, घनश्याम जी बर्नवाल, मुरली बरनवाल, राकेश बर्नवाल, विनोद जी बर्नवाल, भुनेश्वर बर्नवाल, रामप्रकाश बर्नवाल, सुनील जी बरनवाल, रामप्रकाश बर्नवाल, कैलाश जी बर्नवाल, अमित बर्नवाल, रमेश बरनवाल गुड्डू, जयप्रकाश बैद्य, हरिप्रकाश बैद्य, कृष्णा जी, उमेश, लल्लन बरनवाल, त्रिभुवन मास्टर साहब आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता पुरुषोत्तम बरनवाल संचालन अनुपम जी बर्नवाल ने किया।

नीलेश कुमार 'दीपू'

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