बलिया : पुलिस और राजस्व टीम केे साथ सड़क पर उतरे 'साहब', फिर...


बैरिया, बलिया। उप जिलाधिकारी बैरिया प्रशांत कुमार नायक मंगलवार को पर्याप्त पुलिस बल व राजस्व टीम के साथ रानीगंज बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए उतर गये। उनके साथ एसएचओ बैरिया संजय त्रिपाठी भी रहे। बाजार में स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण कर अपनी दुकान लगाने वाले एक-एक दुकानदार के पास जाकर 2 दिन के अंदर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी। तात्कालिक तौर पर बीच सड़क से दोनों तरफ फीता से नपवाकर सड़क और पटरी पर किए गए अतिक्रमण वाले हिस्से को चिन्हांकित भी कराए।


रानीगंज बाजार में दिन में कई मर्तबा सड़क जाम होने, पटरियों पर अस्थाई दुकानें लगाने तथा कई जगह सड़क के दोनों ओर की पटरी पर स्थाई अतिक्रमण कर पक्का निर्माण करा लेने की लोगों ने शिकायत की थी। इस क्रम में उप जिलाधिकारी ने बैरिया 3 दिन पहले रानीगंज बाजार में ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अनाधिकृत अतिक्रमण किए हैं, या पटरी पर अस्थाई दुकाने लगाते हैं, वे हटा ले। सकारात्मक रिजल्ट ना निकलने पर आज खुद उप जिलाधिकारी बैरिया पर्याप्त पुलिस बल के साथ बाजार पहुंचे। एसडीएम के साथ आई राजस्व टीम ने बीच सड़क से दोनों किनारों तक नाप कर अतिक्रमण की हद भी चिन्हांकित कर दी। बावजूद एसडीएम ने आज अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को चेतावनी दी कि अगले 2 दिनों के अंदर सभी लोग अपना स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण खुद ही हटा लें। अन्यथा की स्थिति में 3 दिन बाद पुनः जेसीबी और पर्याप्त मजदूर लेकर बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। उस दौरान अतिक्रमण करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। जुर्माना भी वसूल किया जाएगा। एसडीएम की इस कार्रवाई से बाजार में अफरा-तफरी का माहौल रहा।



फिर वही बात
रानीगंज बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुंचे बैरिया उप जिलाधिकारी के वापस लौटने के बाद कुछ दुकानदारों ने अपनी अपनी दुकान तात्कालिक तौर पर समेट लिए थे। लेकिन बाजार में फिर पहले वाली स्थिति बन गई। 

ऐसी रही चर्चा
उप जिलाधिकारी द्वारा रानीगंज बाजार में अतिक्रमण हटाकर बाजार को ठीक रखने तथा यातायात प्रवाह ठीक बने रहने की चेतावनी देने के बाद, बाजार में यह चर्चा का विषय रहा कि कुछ खास नहीं होगा। क्योंकि इसके पहले भी लगभग आधा दर्जन बार रानीगंज बाजार से अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्यवाही की गई। दो-चार दिन ठीक रहने के बाद फिर पुरानी हाल हो जाती रही है। बाजार में यह चर्चा का विषय रहा कि इसकी आड़ में कुछ लोगों के दलाली की दुकान जरूर चलने लगेगी।


शिवदयाल पांडेय 'मनन'

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