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बलिया : अपनों का इंतजार करते-करते दुनिया छोड़ गए बाबा, टूटी 'सागर' की उम्मीद


बलिया। एक उम्मीद जगी जब एक फोन आया कि मैं दिल्ली से हूं... मेरे पापा है क्या ? इनके हाथ पर कुछ नाम लिखा है क्या ? मैं तुरंत जिला अस्पताल पहुुंचा, वहां बेड पर कंबल तो था, पर का कंबल ओढ़ने वाला नहीं। पता चला कि ये बाबा इस दुनिया को अलविदा कह गए।
फिर भी सोचा क्या पता ये उन्ही के पिता हो, जिनका दिल्ली से फोन आया था। हो सके अंतिम समय में इनकी मुलाकात परिवारजनों से हो जाए।पोस्टमार्टम हाउस गया। बाबा जी का शरीर निकलवाकर हाथों को चेक किया, पर उनके हाथों पर कोई नाम लिखा निशान नहीं मिला। सोचा VIDEO कॉल द्वारा दिल्ली वाले व्यक्ति को इन्हें दिखलवाये। क्या पता चेहरा पहचान लें, पर सारी उमीदें खोखली निकली। और ये शरीर अपनो के न मिलने से बलिया जिला अस्पताल में लावारिस नाम से रख दी गई, जो 2 दिन बाद लावारिस के नाम से मां गंगा की कोख में विसर्जन कर दी जाएगी।
           सागर सिंह राहुल

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