बलिया : फौजी के प्रयास से जगमग हुआ शहीद स्मारक


बैरिया, बलिया। 18 अगस्त सन् 1942 को बैरिया थाना पर शहादत देनेे वाले द्वाबा के शहीदों की याद में बना शहीद स्मारक को पहली बार जगमगाते हुए देखा जा सकता है। ऐसा भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त व बैरिया विधानसभा के समाजसेवी अंगद मिश्र 'फौजी' के प्रयास से हुआ है। 
अपने जीवनकाल के बहुमूल्य बीस वर्ष देश सेवा करने के बाद अपने क्षेत्र बैरिया की सेवा का लक्ष्य लेकर चले अंगद मिश्र 'फौजी' ने शहीद स्मारक बैरिया को रोशनी से प्रकाशित करने के बाद कहा कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों शहीद स्मारक पर ध्यान ही नहीं दिया। इस वजह से शहीद स्मारक अंधेरे में गुमनाम रहता था, लेकिन शहादत का असली तात्पर्य एक सैनिक से ज्यादा कौन समझ सकता है। 

शिवदयाल पांडेय 'मनन'

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