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बलिया : शिक्षक ने कुछ यूं किया मां को याद, भर आई लोगों की आंखें


बलिया। ख्वाब इतना है बस ऐसा काबिल बनूं, तूने सपने जो देखे हासिल करूं, दूर तुझसे नहीं तेरे दिल में रहूं, मेरी दुनिया तो तू ही सजाती हो मां, याद आती हो मां याद आती हो मां...। बसंतपुर निवासी शिक्षक उपेन्द्र सिंह ने अपनी मां पार्वती की प्रथम पुण्यतिथि इन्हीं पंक्तियों के साथ मनाया। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखें भर आई। 


आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि पार्वती सिंह धर्मपरायण थी। वह गरीब व असहायों का ताउम्र हमदर्द बनी रही। हर किसी के सुख-दुख में शामिल रहने वाली पार्वती सिंह आज भले ही हमारे बीच नहीं है, पर उनकी स्मृतियां रग-रग में है और रहेगी। वह न सिर्फ दुखियों के दु:ख से  दुखी हो जाती थी, बल्कि हर सम्भव सहयोग के लिये उद्यत भी रहती थी। इससे पहले उपस्थित लोगों ने तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की, फिर 80 असहायों व जरुरतमंदों को कंबल व शाल गणेश सिंह व दिनेश पांडेय ने दान स्वरूप दिया। इस दौरान हरेन्द्र सिंह, शिवानंद मिश्र, यशजीत सिंह गोलू, दीपक सिंह, अनुराग गुप्ता, नीरज सिंह, निरंकार सिंह, अरविन्द सिंह, जयप्रकाश पांडेय, रामप्रताप सिंह, अभयशंकर सिंह, गुड्डु सिंह, मनीष सिंह विसेन, विशाल यादव, अवनीश सिंह, राणाप्रताप सिंह, रामतेज प्रसाद, नथुनी वर्मा इत्यादि मौजूद रहे। 


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