बलिया के रंगमंच पर सजी 'मास्टर साहब' की पाठशाला, 'बिटिया' ने दिया बड़ा संदेेश

 


बलिया। शादी के बाद इकलौती बेटी विदा होकर हंसी-खुशी ससुराल जाती है, तो मेंहदी का रंग फीका पड़ने से पहले ही सास का उत्पीड़न शुरू हो जाता है। सास के हाथों मार खाने के बाद वह अपने मायके फोन करके घटना की जानकारी देती है। उसके पिता शादी कराने वाले अगुवा को लेकर उसके ससुराल पहुंचते हैं, तो ससुर घटना पर दुख जताते हैं। लेकिन, अपनी सास जिद पर अड़ी रहती है। तब पुलिस आती है और मुकदमे की बात होने लगती है। खुद को फंसते देख लड़की की सास बैकफुट पर आ जाती है। तब पुलिस अधिकारी कहता है कि अब कभी भी परेशान करोगी, तो लड़की महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 पर कॉल करेगी और तुम लोग जेल चले जाओगे। 
यह दृश्य पारिवारिक नाटक 'बिटिया' का है, जिसका मंचन क्षेत्र के नयी बस्ती सीताकुंड में एक्टिव क्लब की ओर से आयोजित लक्ष्मी पूजनोत्सव के दौरान रंगमंच पर युवाओं ने किया। नाटक के जरिये कलाकारों ने समाज को कई संदेश दिये। इकलौती बेटी के प्यार-दुलार को दिखाते हुए बेटा-बेटी में समानता बताने की कोशिश की, तो गांव में शादी की बात होने पर लड़की की ओर से शौचालय की डिमांड करने पर दर्शकों ने ताली बजाकर हौसला बढ़ाया। करीब तीन घंटे तक नाटक के दौरान दर्शक टस से मस नहीं हुए। नाटक तैयार किया था अनिल सिंह दउरी ने, जबकि निर्देशन किया सहायक अध्यापक शिव प्रकाश तिवारी ने। संजय प्रकाश पांडेय ने संचालन किया और मिथिलेश प्रसाद मंच सहयोगी रहे। कार्यक्रम का उद्घाटन लक्ष्मी नारायण चौबे ने किया। इस मौके पर सुशील तिवारी, सत्यनारायण प्रसाद, गणेश प्रसाद, मुन्ना तिवारी, अनिल प्रसाद आदि रहे।

हास्य कलाकारों को भी मिली सराहना
नाटक के दौरान बीच-बीच में हास्य कलाकारों ने छोटे-छोटे नाटकों का मंचन कर दर्शकों को खूब हंसाया-गुदगुदाया। वहीं रिकॉर्डिंग डांस पर भी लोगों ने भरपूर मनोरंजन किया। सभी कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों की ही भागीदारी रही। दर्शक उनका ताली बजाकर हौसला बढ़ा रहे थे। 

ये थे मुख्य भूमिका में
नाटक और हास्य प्रस्तुति में रोहित सिंह, रंजन शर्मा, राहुल साह, टेकल शर्मा, अनिल पाल, गोलू चौबे, सोनू तिवारी, छोटू तिवारी, मंटू प्रसाद, नितेश, लप्पू शर्मा, रवींद्र प्रसाद, अंकित, दीपक प्रसाद, टिंकू प्रसाद, गोलू प्रसाद, सुनील आदि ने अपने पात्रों को जीवंत कर दिया।

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