राइस मिल को ब्लैक लिस्टेड कर बलिया डीएम ने दिया जांच का आदेश


बलिया। अन-एकाउन्टेड धान, चावल एवं गेहूं के भंडारण पर जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने फर्म मे.शिब्बू एण्ड कम्पनी राईस मिल, उसरौली, चितबड़ागांव पर बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने धान क्रय वर्ष 2020-21 में विभिन्न क्रय एजेन्सियों के समस्त धान क्रय केन्द्रों से इस मिल का सम्बद्धीकरण एवं अनुबन्ध निरस्त करते हुए ब्लैक लिस्टेड/डिबार करने का आदेश दिया है। साथ ही राईस मिल परिसर में भण्डारित अन-एकाउन्टेड धान, चावल एवं गेहूं के करापवंचन (उचित कर की चोरी) के सम्बंध में व्यापार कर विभाग से भी जांच कराने को कहा है।

दरअसल, जिलाधिकारी के निर्देश पर 19 नवंबर को एसडीएम सदर राजेश यादव ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी सदर व मण्डी सचिव चितबड़ागाव के साथ इस राइस मिल की जांच की थी। जांच में मिल परिसर के अन्दर 32 बोरी धान, 266 बोरी गेहूं तथा 1968 बोरी चावल का स्टाक मिला था। इसके अलावा 4728 बोरी धान व 922 बोरी गेहूँ खुले में रखा पाया गया। मौके पर उपस्थित राईस मिल मालिक अविनाश सिंह निवासी ग्राम उसरौली से मिल का स्टाक /बोरा व कुटाई रजिस्टर माँगा गया, लेकिन उस समय वह कोई अभिलेख नहीं दे सके। जिसके बाद राईस मिल को सील करते हुये, सीज्ड मिल व मिल परिसर में खुले में भण्डारित खाद्यान्न को राईस मिल मालिक अविनाश सिंह को सुपुर्द किया गया। साथ ही 20 नवंबर को सुबह 10:30 बजे तक एसडीएम के यहां उपस्थित होकर भण्डारित खाद्यान्नों के क्रय व मिल से सम्बन्धित अभिलेख प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया। 

राइस मिल प्रोपराइटर अविनाश सिंह 21 नवंबर को 20 किसानों से 21 शपथ पत्र, जिसमें अंकित धान की मात्रा का कुल योग 2481.40 कुन्तल हैं, प्रस्तुत किया गया। हालांकि उसमें किसानों ने धान विक्रय व भुगतान मिलना स्वीकार तो किया है, लेकिन भुगतानित दर व धनराशि के सम्बन्ध में अविनाश सिंह ने कोई अभिलेख या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। सभी शपथ पत्र 21 नवंबर को ही बनाये गये थे। मिल परिसर में मिले 1190 बोरी गेहूँ के सम्बन्ध में कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया।

चावल के सम्बन्ध में मिल मालिक श्री सिंह ने एक परिलेख दिया है, जिसमें प्रारम्भिक स्टाक के 524 बोरे में 261.85 कुन्तल तथा मे माँ दुर्गे ट्रेडर्स, गोलम्बर बक्सर (बिहार) से 1440 बोरे में 772.02 कुन्तल चावल की खरीद प्रदर्शित की गयी है। माँ दुर्गे ट्रेडर्स के प्रोपराइटर क्षितिज राय से फोन पर इसकी पुष्टि के लिए बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में उनके मुनीब को ही जानकारी है। कुल मिलाकर पूरी जांच के दौरान मिल मालिक अविनाश सिंह ने अभिलेख जैसे मिल का रस्टाक/बोरा व कुटाई रजिस्टर नहीं प्रस्तुत किया गया। पेशबन्दी करने के लिए जांच के बाद अभिलेख व शपथ पत्र बनाकर प्रस्तुत किया गया।

इससे साफ है कि मिल में भारी मात्रा में अन-एकाउन्टेड घान, चावल एवं गेहूँ भण्डारित किया गया है, जो कि धान कय नीति वर्ष 2020-21 का उल्लंघन है। इसके लिए मिल मालिक पूर्ण रूप से दोषी हैं। बता दें कि यह  फर्म धान कय वर्ष 2020-21 में खाद्य विभाग बलिया में पंजीकृत है। मूल्य समर्थन योजनान्तर्गत खरीदे गये धान की हालरिंग के लिए खाद्य विभाग के विपणन शाखा कय केन्द्र चितबड़ागाँव से सम्बद्ध है।


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