बलिया : भाजपा विधायक सुरेन्द्र सिंह की पहल पर शासन ने गठित की टीम, जांच शुरू


बैरिया, बलिया। इब्राहिमाबाद पशु मेले की जमीन की खरीद बिक्री का मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ता नजर आ रहा है। बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह के शिकायती पत्र पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन स्तर से चार सदस्यीय टीम का गठन कर जांच का आदेश दिया है। कमेटी के सदस्यों ने मंगलवार को बैरिया तहसील पहुंचकर जमीन से संबंधित सभी कागजातों को बहुत ही बारीकी से घंटों खंगाला। भूमि से सम्बधित पत्रावली का अवलोकन किया। कमेटी में शामिल एडिशनल कमिश्नर आजमगढ़ अनिल कुमार मिश्र, डीडीसी आजमगढ़ मधुसूदन दुबे, एसओसी बलिया धनराज यादव, एडीएम बलिया टीम में शामिल है। विधायक ने मुख्यमंत्री को दिये शिकायती पत्र में उल्लेख किया है कि इब्राहिमाबाद पशु मेला की जमीन जिला परिषद की है। इस पर सैकड़ो वर्षों से पशु मेला लगता है, जो पूर्ण रूप से सरकारी जमीन है। इसकी खरीद बिक्री नहीं हो सकती है। तमाम बिंदुओं पर जांच अधिकारियों ने बारीकी से एक-एक बिंदु का तहसील में मौजूद अभिलेखों का अध्ययन किया। अधिकारियों का फोकस इब्राहिमाबाद  उपरवार मौजा के आराजी नंबर 702 वह 795 पर था। दोनों नंबरों में आज भी नवीन परती और फायर स्टेशन का नाम दर्ज है। जांच टीम का नेतृत्व कर रहे एडिशनल कमिश्नर आजमगढ़ अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि उक्त भूमि से संबंधित सभी पुराने अभिलेखों को खंगाला जाएगा। जांच रिपोर्ट शासन को दिया जाएगा। 

विधायक ने कही ये बात

इब्राहिमाबाद पशु मेले की जमीन की जांच करने वाली टीम के समक्ष पहुंचे बैरिया के विधायक सुरेंद्र सिंह ने जांच अधिकारियों से कहा कि आपके अधिकार में जो है, उसे आप ईमानदारी पूर्वक संपादित करें। जांच में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। दूध का दूध और पानी का पानी जब तक नहीं होगा, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे। इसके लिए मुझे जो करना पड़े, वह करूंगा। सुदिष्ट बाबा के धरोहर को बचाने के लिए भूख हड़ताल व एसआईटी जांच कराना पड़े तो मैं इससे भी पीछे नहीं हटूंगा। उन्होने जांच अधिकारियो से कहा कि पुराने रिकार्ड में भी जमीन सरकारी रुप से दर्ज है। सन् 1983 से 1987 के बीच सरकारी जमीन पर जिसका नाम आया है, उसे बुला कर सिर्फ इतना पूछा जाय कि तुम्हारा नाम किस आधार पर आया है तो माजरा समझ में आ जायेगा।


शिवदयाल पांडेय 'मनन'

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