शिक्षक डायरी का विकास, देखें भुगतान एवं प्रयोग के संबंध में आदेश


लखनऊ। शिक्षकों को योजनाबद्ध ढ़ंग से शिक्षण कार्य करने के उद्देश्य से विशेषज्ञ संस्थाओं के सहयोग से 'शिक्षक डायरी' का विकास किया गया है, जो पाठ्य पुस्तक अधिकारी कार्यालय, उप्र द्वारा आबद्ध मुद्रकों/प्रकाशकों के माध्यम से मुद्रित कराकर शीघ्र ही समस्त जनपदों को उपलब्ध करायी जा रही है। शिक्षक डायरी के भुगतान हेतु धनराशि राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा पूर्व में ही आपको हस्तांतरित की जा चुकी है।महानिदेशक स्कूल शिक्षा उप्र ने इस संबंध में निर्देश दिया है कि कार्यवाही सुनिश्चित करें।व्यय का विवरण पीएमएस पोर्टल पर संबंधित मद में अपलोड करना सुनिश्चित करें।

निर्देश
-पाठ्यपुस्तक अधिकारी कार्यालय द्वारा आबद्ध मुद्रकों/प्रकाशकों द्वारा जनपद स्तर पर आपूर्ति की गयी शिक्षक डायरी की संख्या एवं गुणवत्ता का सत्यापन राष्ट्रीयकृत पाठ्यपुस्तकों की भाँति किया जाये।
-संबंधित प्रकाशकों को शिक्षक डायरी हेतु दिये गये क्रयादेश एवं आपूर्ति के आधार पर नियमानुसार भुगतान की कार्यवाही की जाये  
-जनपदों में शिक्षक डायरी की आपूर्ति प्राप्त होने के 15 दिवस के अंदर समस्त शिक्षकों/शिक्षामित्रों/अनुदेशकों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाये।
-यह सुनिश्चित किया जाये कि समस्त शिक्षकों/शिक्षामित्रों/अनुदेशकों द्वारा साप्ताहिक शिक्षण योजना तैयार कर शिक्षक डायरी में अंकित की जाये। तद्नुसार उनके द्वारा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को क्रियान्वित किया जाये।
-प्रधानाध्यापक द्वारा शिक्षक डायरी के प्रयोग की नियमित समीक्षा की जाये तथा शिक्षकों/शिक्षामित्रों/अनुदेशकों को इसके सही उपयोग के लिए अपेक्षित मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाये।
-एसआरजी तथा एआरजी सदस्यों द्वारा विद्यालय भ्रमण के दौरान शिक्षक डायरी में अंकित विभिन्न मानकों के सापेक्ष समीक्षा की जाये तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को अपेक्षित सहयोग प्रदान किया जाये।
-शिक्षक डायरी के गुणवत्तापूर्ण उपयोग के लिए एसआरजी तथा एआरजी सदस्यों द्वारा ब्लाॅक स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाये।
-शिक्षक डायरी के प्रयोग के संबंध में तैयार किये गये दिशा निर्देश संलग्न कर इस निर्देश के साथ प्रेषित हैं कि इसे समस्त एसआरजी0, एसआरजी सदस्यों एवं शिक्षकों को उपलब्ध कराया जाये ताकि शिक्षक डायरी के सही उपयोग में उन्हें सहायता मिल सकें।
-जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं खण्ड शिक्षा अधिकारियों द्वारा विद्यालय निरीक्षण के समय शिक्षकों द्वारा शिक्षक डायरी का प्रयोग किये जाने का अनुश्रवण किया जाये।

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