15 जनवरी 1905 को अस्तित्व में आया था यह स्टेशन, 05 अक्टूबर को रेल मंत्री करेंगे यह काम


गोरखपुर। लगभग 115 वर्ष पूर्व तराई क्षेत्र में स्थित गोरखपुर-गोण्डा लूप मीटर गेज खंड के निर्माण के क्रम मेें 15 जनवरी 1905 को उस्का बाजार-बढ़नी खंड का कार्य पूरा होने के साथ ही नौगढ़ रेलवे स्टेशन अस्तित्व में आया। इस रेल खंड को छोटी लाइन के रूप में जाना जाता था। इस खंड का आमान परिवर्तन कार्य वर्ष 2015 में पूरा हुआ। यह क्षेत्र बड़ी लाइन के माध्यम से देश के महानगरों से जुड़ गया। नौगढ़ रेलवे स्टेशन को आदर्श स्टेशन घोषित कर मानक के अनुरूप यहां यात्री सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी। यहां से 35 किमी. दूर लुम्बनी में महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था। यह क्षेत्र महात्मा बुद्ध की जीवन घटनाओं से भरा होनेे के कारण क्षेत्र की जनता की मांग को देखते हुए जिला मुख्यालय स्थित नौगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन किया गया है।  
रेल, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 05 अक्टूबर को अपराह्न 03.15 बजे वीडियो लिंक के माध्यम से 'नौगढ़ रेलवे स्टेशन से सिद्धार्थनगर’ रेलवे स्टेशन में परिवर्तित नाम का लोकार्पण करेंगे। यह वेब कार्यक्रम सांसद जगदम्बिका पाल की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न होगा। इससे क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। कोविड प्रोटोकाल को ध्यान में रखते हए सम्पूर्ण कार्यक्रम वीडियो लिंक के माध्यम से किया जायेगा। 
गोरखपुर-गोण्डा लूप खण्ड का विद्युतीकरण कार्य स्वीकृत है, जिस पर तेजी से कार्य चल रहा है। जिसके पूरा होने पर क्षेत्र में विद्युत इंजन चालित गाड़ियों का संचलन होगा और क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त रखने में काफी सहूलियत होगी। सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन बड़ी लाइन खण्ड पर स्थित होने के कारण सीधी ट्रेन सेवा से गोरखपुर, गोण्डा, लखनऊ, लखीमपुर, कानपुर, दिल्ली, मुम्बई, कासगंज, मथुरा, कोटा, बडोदरा, सूरत, झांसी, भोपाल, मुजफ्फरपुर, कटिहार आदि नगरों से जुड़ा हुआ है। वर्तमान में इस स्टेशन से होकर 02571/02572 गोरखपुर-आनन्द विहार टर्मिनस-गोरखपुर (सप्ताह में चार दिन) हमसफर विशेष गाड़ी, 05063/05064 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर साप्ताहिक विशेष गाड़ी, 05065/05066 गोरखपुर-पनवेल-गोरखपुर (सप्ताह में चार दिन) विषेष गाड़ी एवं 05067/05068 गोरखपुर-बान्द्रा टर्मिनस-गोरखपुर साप्ताहिक विशेष गाड़ी का संचलन किया जा रहा है। 

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