बलिया : सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान आवंटन में धांधली का प्रधान पर आरोप


नगरा, बलिया। ब्लाक नगरा की ग्राम पंचायत सिकंदरापुर में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान ग्राम प्रधान की मिलीभगत करके आवंटित किए जाने का आरोप लगाते हुए नाराज़ ग्राम पंचायत के सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को विकास खंड मुख्यालय पर पहुंचकर धरना दिया तथा खंड विकास अधिकारी को संबोधित पत्रक वरिष्ठ लिपिक व कैशियर को सौंपा गया। इस दौरान ब्लॉक पर अफरा तफरी का माहौल बना रहा।
विकास नगरा के सिकंदरापुर गांव में रविवार को प्राथमिक विद्यालय पर कोटे की दुकान के चयन के लिए खुली बैठक आयोजित की गयी थी। बैठक में 5 समूह सद्गुरु स्वयं सहायता समूह, निधि स्वयं सहायता समूह, डॉ बीआर अम्बेडकर स्वयं सहायता समूह, मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह व काजल समूह की महिला सदस्य शामिल थी। बैठक में सद्गुरु स्वयं सहायता समूह के आरती पत्नी प्रभुशंकर राम के नाम से कोटे की दुकान चयन समिति के द्वारा आवंटित कर दिया गया। कोटे की दुकान प्रधान राजकुमार के भतीजे के नाम से आवंटित किए जाने से अन्य समूहों का आरोप है कि आवंटित किए गए समूह से दूसरे कई समूह अच्छे तरीके से चलाए गए है, यही नहीं एक समूह में लेनदेन भी अधिक हुआ है। बावजूद उस समूह को कोटे की दुकान आवंटित नहीं कि गयी। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और सचिव पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों की मिलीभगत से बिना सूचना दिए कोटे की दुकान का प्रस्ताव रखा गया और एक तरफा निर्णय से नाराज ग्राम पंचायत सैकडों पुरुष एवं महिलाएं सोमवार को ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंच गए और ब्लॉक कर्मियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आवंटित कोटे की दुकान को निरस्त करने की मांग की। ग्रामीणों ने कोटे की दुकान को निरस्त करने की मांग कर रहे थे। पत्रक सौंपने वालों में शिवकुमारी, इंदु देवी, विंदू, मालती, अनीता, देवंती, शीला, किरन, तेतरी, गीता, अमरनाथ, वीर बहादुर, रामेश्वर, संजय, सुरेश, लाल बचन, रामेश्वर, हरिंदर, रमाशंकर सहित काफी संख्या में पुरुष महिला मौजूद रहे।


देवनारायण प्रजापति 'देवा भाई'

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