ऋण के नाम पर बलिया के इस बैंक में बड़ा घोटाला, चार पर मुकदमा ; शाखा प्रबंधक सस्पेंड


बैरिया, बलिया। मृतक के खाते में ऋण स्वीकृत करने का मामला सामने आया है। जी हां, हम बात कर रहे हैं क्षेत्र के मधुबनी स्थित सेन्ट्रल बैंक आफ इण्डिया की शाखा गोपालनगर का। शाखा प्रबन्धक विक्रान्त विशाल ने तत्कालीन शाखा प्रबन्धक प्रशान्त कुमार व बैंक कर्मी निश्चल राठौर व मीना देवी समेत चार लोगों के विरुद्ध बैरिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इन पर कतिपय स्थानीय लोगों की मिलीभगत से फर्जी तरीके से लाखो रुपये का ऋण भुगतान करा लेने का आरोप है। गबन का मामला सामने आने पर बैंक प्रबन्धन ने तात्कालीन प्रबन्धक प्रशान्त कुमार को निलम्बित कर दिया है। वहीं, यह घटना प्रकाश में आने पर अन्य बैंकों से ऋण लेने वालो में भी हड़कम्प मचा हुआ है। 
पिछ्ले वर्ष तत्कालीन शाखा प्रबन्धक प्रशान्त कुमार, निश्चल राठौर व गोपालनगर निवासी मीना देवी पत्नी दिनेश शर्मा, रामपुर टोला बैजनाथपुर निवासी पूनम देवी पत्नी विनोद चौधरी की मिली भगत से विभिन्न लोगो के नाम से लगभग 21 लाख का ऋण स्वीकृत कर उसे आपस मे बन्दरबाट कर लिया गया। यही नहीं, जिनके नाम से ऋण हुआ है उन्हे इसकी भनक तक नही लगी। व्यास मिश्र के खाता संख्या 31389479402 में उनके मृत्यु के बाद चार लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कर उसका भुगतान कराया गया है। इसी तरह जितेन्द्र तिवारी, विनोद कुमार सहित आधा दर्जन लोगो के नाम पर लगभग 21 लाख रुपया भुगतान करा लेने की जानकारी लोगो को मिली तो बैंक पर हगांमा शुरु हो गया। 
बैंक में बवाल हुआ तो आनन फानन में प्रबन्धन ने शाखा प्रबन्धक को निलम्बित कराने के साथ ही विक्रान्त विशाल को नया शाखा प्रबन्धक नियुक्त कर दिया। नये शाखा प्रबन्धक ने बुधवार की देर शाम सम्बधितो पर धारा 409, 419, 420, 467, 468 व 471 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।आरोपी तत्कालीन शाखा प्रबन्धक बिहार के नालन्दा जनपद का निवासी बताया जा रहा है, जबकि बैंक कर्मी अल्मोड़ा का रहने वाला है।

एसएचओ बोले

बैरिया एसएचओ संजय त्रिपाठी ने बताया कि यह बैंक घोटाला एक माह पहले प्रकाश में आया था, किन्तु बैंक प्रबन्धन द्वारा जांच पड़ताल में काफी समय लगा। जांचोपरान्त जब घोटाले की पुष्टि हो गयी, तब प्रबन्धन के आदेश पर नये शाखा प्रबन्धक द्वारा उक्त धोखाधड़ी व गबन का मामला दर्ज कराया है।वही प्रकरण की जांच कर रहे सुरेमनपुर के चौकी इंचार्ज मन्तोष सिंह ने बताया कि जिस तरह से लोग तत्कालीन शाखा प्रबन्धक के क्रियाकलापो को बता रहे है, उससे ऐसा लग रहा है कि और भी मामले सामने आ सकते है।


शिवदयाल पांडेय 'मनन'

Post a Comment

0 Comments