गांधी और शास्त्री जी को याद करने से अधिक जरूरी इन्हें आत्मसात करने की : कौशिकेय


बलिया। व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक जीवन में सुचिता, सादगी एवं स्वच्छता को जीवनमंत्र बनाने वाले, पंचायती सुराज और अंत्योदय के आग्रही महात्मा गांधी की 151वीं एवं लालबहादुर शास्त्री की 116वीं जयंती पर उनको याद करने से अधिक इन्हें आत्मसात करने की आवश्यकता है।
उक्त उदगार साहित्यकार शिवकुमार सिंह कौशिकेय ने लालबहादुर शास्त्री पार्क में झण्डारोहण के उपरांत सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किया। अध्यक्षता मनौव्वर अली ने एवं संचालन कार्यक्रम संयोजक पूर्व सभासद राजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर दयाशंकर साहू, विजयशंकर गुप्ता, अनिल गुप्ता, संतोष कुमार, उस्मान खान, राजेंद्र गुप्ता, राजकमल वर्मा, नेताजी आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। 

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